ठेकेदारों के भरोसे व्यवस्था, चने खाकर 16 घंटे की ड्यूटी बजा रहे जवान

यह आलम तब है जबकि पहले स्नान में सिर्फ छह दिन बचे हैं। सबका ध्यान  संत समाज की ओर है, लेकिन जिन पुलिस के जवानों  के कंधों पर मेले की सुरक्षा का जिम्मा है, उनकी  कहीं कोई सुनवाई  नहीं  हो  रही। 

उज्जैन.सिंहस्थ मेला क्षेत्र के शिविरों में अव्यवस्था  के चलते साधु-संतों के साथ-साथ पुलिस जवान भी त्राहिमाम  कर रहे हैं। दिन में 16 घंटे की थका देने वाली ड्यूटी, पेयजल की अनुपलब्धता और भोजन के बेहद खराब से जवान हलकान हैैं।
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नतीजा यह है कि शिविरों में जवान बीमार हो रहे हैं। यह आलम तब है जबकि पहले स्नान में सिर्फ छह दिन बचे हैं। सबका ध्यान  संत समाज की ओर है, लेकिन जिन पुलिस के जवानों  के कंधों पर मेले की सुरक्षा का जिम्मा है, उनकी  कहीं कोई सुनवाई  नहीं  हो  रही। जवानों की स्थिति का जायजा लेने जब पत्रिका टीम कालभैरव जोन स्थित पुलिस कैंप पहुंची तो वहां स्थिति बेहद खराब मिली।



शिविर में बोरिंग का खराब पानी होने की शिकायत सभी ने की। उनका कहना था कि पानी  इतना खारा है कि कितना भी पी लिया जाए प्यास नहीं बुझती, पेट खराब हो  जाता है। उच्चाधिकारी  यहां नहीं देखते। ठेकेदारों के सहारे उनके खान-पान की व्यवस्था की जा रही है। 


भोजन में सूखा चना, कच्ची रोटी 
पुलिस कैंप में जवानों को नाश्ते में चना दिया जा रहा है। वह भी बिल्कुल सादा। चने में नमक के अलावा कुछ भी नहीं है। इसी के साथ भोजन के समय इसी चने को टमाटर के साथ सब्जी में बदल दिया जा रहा है। जवानों की शिकायत है कि रोटी भी कच्ची मिल रही है। ड्यूटी देने आए  एक जवान ने बताया कि वह पुलिस कैंप की जगह बाबा के शिविर में भोजन कर रहे हैं। लगभग हर जवान अपनी ड्यूटी क्षेत्र में संतों के डेरे पर भोजन कर रहा है।

शिविरों की सुरक्षा भगवान भरोसे 
आश्चर्यजनक यह है कि मेला क्षेत्र में  पुलिस के जवानो के शिविर की सुरक्षा के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है, जबकि जवान पूरे मेले की सुरक्षा का बीड़ा उठाए हुए हैं। आसानी से निजी वाहन पुलिस के कैंप क्षेत्र में प्रवेश कर जा रहे हैं। जवानों ने बताया कि एक दिन पूर्व शिविर के पास धूल का बंवडर आ गया था। इसमें एक पंडाल गिर गया। इससे अंदर लगा पंखा से जवान के माथे पर जा गिरा और वह घायल हो गया। इसी घटना में बल्ली गिरने से एक अन्य जवान भी घायल हो गया। पानी की खराबी की चलते भी एक जवान की कई दिनों से तबीयत खराब है।

गढ़कालिका से ला रहे पीने का पानी 
जवानों का दिन का ज्यादातर समय ड्यूटी पर गुजर रहा है। उस वक्त तो सभी बाहर ही पानी पी लेते हैं, लेकिन रात के समय पुलिस जवान गढ़कालिका मंदिर की प्याऊ से पानी की बोतल भर कर लाते हैं। कैंप में एक स्थान के 12 से 15 जवान है। इन्होंने आपस में बोतल भर कर लाने की ड्यूटी भी तय कर रखी है। कुछ जवानों ने बताया कि साफ पानी पीने के लिए हमें रात में दो दो किलोमीटर पैदल जाना पड़ रहा है। ऐसे में परेशानी हो रही है। कोई सुनने वाला भी नहीं है। 

हर जोन में पर्याप्त सुविधाओं के निर्देश दिए हैं। जहां समस्या है, उन्हें भी दूर करवाया जा रहा है। अब हर कैंप में अधिकारी रोज मॉनीटरिंग भी करेंगे। 
- एमएस वर्मा, एसपी, उज्जैन
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Lalit Saxena
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