अतिक्रमण के साथ हटा दी थी पुलिस चौकी, नहीं बन पाई दोबारा

अतिक्रमण के साथ हटा दी थी पुलिस चौकी, नहीं बन पाई दोबारा
एक दर्जन से ज्यादा गांव के हजारों लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे

Mukesh Malavat | Updated: 12 Oct 2019, 08:02:02 AM (IST) Ujjain, Ujjain, Madhya Pradesh, India

एक दर्जन से ज्यादा गांव के हजारों लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे

शाजापुर. राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ग्राम नैनावद और इसके पास के दर्जनभर से ज्यादा ग्रामों के हजारों लोगों की सुरक्षा पिछले साढ़े 3 साल से भगवान भरोसे हैं, क्योंकि गांव में या इसके आसपास कोई पुलिस चौकी नहीं है। इसके कारण किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को 15 किमी दूर मक्सी जाना पड़ता है। वहीं यदि डायल-100 को भी फोन किया तो उसे भी गांव तक पहुंचने में 15-20 मिनट लग जाते हैं, इस कारण किसी भी दिन बड़ी अनहोनी हो सकती है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बसे ग्राम नैनावद में करीब साढ़े 3 साल पहले तक पुलिस चौकी हुआ करती थी। इसके बाद जब इस राजमार्ग को फोरलेन में बदलने के लिए निर्माण में आने वाले अतिक्रमण को हटाया तो उसमें पुलिस चौकी भी हट गई। ऐसे में पिछले करीब साढ़े 3 साल से गांव में पुलिस चौकी ही नहीं है। करीब 5 हजार की आबादी वाले इस गांव के लोगों को किसी भी तरह के मामले के लिए 15 किमी दूर मक्सी थाने पर पहुंचना पड़ता है। कई बार पुलिस को सूचना देने के बाद काफी देर तक पुलिस के नहीं पहुंच पाने के कारण स्थिति बिगड़ भी गई थी। ग्रामीणों ने गांव में चौकी की दोबारा स्थापना करने की मांग भी की है, लेकिन इस पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। नैनावद के आसपास ही करीब एक दर्जन ग्राम और हैं जहां के सभी लोग पूर्व में अपनी शिकायत लेकर नैनावद चौकी पहुंचते थे, लेकिन अब जबकि चौकी नहीं है तो नैनावद सहित आसपास के सभी ग्राम के मिलाकर करीब 18 -20 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आसपास के ग्रामीणों को जाना पड़ता है तराना थाने पर : ग्राम नैनावद वैसे तो उज्जैन जिले का गांव है, लेकिन यहां पर थाना मक्सी लगता है। ऐसे में गांव के लोगों को किसी भी परेशानी के लिए 15 किमी दूर मक्सी पहुंचना पड़ता है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है, लेकिन इससे ज्यादा परेशानी नैनावद के आसपास के करीब दर्जन भर ग्राम के लोगों को होती है। नैनावद के पास में स्थित ग्राम लिंबोदा, यशवंत नगर, छोटा बोरदा, बड़ा बोरदा, खांकरी, मुल्डावन, साजौद, पटेलखेड़ी, सिहोदा, बंजारी आदि के ग्रामीणों को शिकायत करने या परेशानी को लेकर करीब 25 किमी दूर तराना थाने पर पहुंचना पड़ता है। ऐसे में इनकी परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। पूर्व में नैनावद में जो पुलिस चौकी थी वहां पर पुलिस स्टाफ भी तैनात रहता था। ऐसे में छोटे-मोटे अपराधों पर तो अंकुश लगा हुआ था, वहीं हर समय पुलिस के मौजूद रहने से सुरक्षा भी बनी हुई थी।
पहले बिगड़ चुकी है स्थिति
नैनावद में पुलिस चौकी नहीं होने के कारण कई बार यहां पर छोटे से मामले में स्थिति बिगड़ चुकी है। गत वर्ष गर्मी के मौसम में गांव के महिलाओं और अन्य लोगों ने मिलकर पानी नहीं मिलने से नाराज होकर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। जब प्रदर्शन शुरू हुआ तब यहां पर कोई पुलिस के जवान मौजूद नहीं थे। बाद में ये प्रदर्शन उग्र हो गया था और पुलिस को इसे शांत करने में खासी मशक्कत करना पड़ी थी। यदि गांव में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहले ही मौजूद रहती तो स्थिति को पहले ही संभाला जा सकता था। इसी तरह पिछले दिनों गांव में हुई चोरी की वारदात के बाद पीडि़तों को रिपोर्ट लिखवाने मक्सी थाने पहुंचना पड़ा था। वहीं कुछ समय पहले गांव में हुए विवाद में पुलिस को सूचना देने के काफी देर बाद पुलिस पहुंची थी। इसके चलते यहां पर बिगड़ी हुई स्थिति को पुलिस को खासी मशक्कत के बाद शांत करना पड़ा था। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पुलिस नहीं रहने से जुआ, सट्टा सहित शराबखेरी का कारोबार जमकर चल रहा है। इससे आए दिन छोटे-मोटे विवाद होते रहते हैं। यदि समय रहते यहां पर पुलिस चौकी बनाकर पुलिस बल तैनात नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ी अनहोनि हो सकती है।
घाटी से हट गई एसएएफ की चौकी
ग्राम नैनावद से पुलिस चौकी को हटे हुए करीब साढ़े 3 साल से ज्यादा समय हो गया, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पर नैनावद घाटी पर एसएएफ के जवान यहां स्थित चौकी पर तैनात थे। ऐसे में हाइवे पर ट्रक कटिंग की वारदातों पर तो अंकुश लगा हुआ था। जरूरत पडऩे पर ये जवान गांव में पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया करते थे, लेकिन जब फोरलेन निर्माण हुआ तो नैनावद घाटी स्थित एसएएफ की चौकी को भी तोडकऱ सडक़ को चौड़ा किया गया। ऐसे में यहां पर भी आज तक दोबारा चौकी का निर्माण नहीं हुआ है। इसके चलते वारदातों का हर वक्त भय बना रहता है।
पुलिस चौकी के लिए ग्राम पंचायत ने दी जमीन, लेकिन शुरू नहीं हुआ काम
ग्राम नैनावद में पुलिस चौकी के टूटने के बाद यहां पर दूसरी पुलिस चौकी के निर्माण के लिए करीब डेढ़ साल पहले शाजापुर जिला पुलिस को जमीन उपलब्ध करवा दी गई। करीब 8 से 10 आरे जमीन हाइवे से सटी हुई पुलिस चौकी के लिए दी गई है। इस जमीन पर चौकी का निर्माण कब तक होगा इसकी अभी जानकारी किसी को भी नहीं है।
फोरलेन निर्माण के कारण गांव में स्थित पुलिस चौकी करीब साढ़े 3 साल पहले टूट गई थी। ऐसे में नई चौकी बनाने के लिए पुलिस को जमीन उपलब्ध करवा दी है। वहीं फोरलेन बनाने वाली कंपनी ने भी मुआवजा दिया हुआ है। कई बार पुलिस को चौकी के निर्माण के लिए मांग भी की गई, लेकिन अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। -राधेश्याम देवड़ा, सरपंच, ग्राम पंचायत-नैनावद
नैनावद में थाना तो मक्सी लगता है, लेकिन राजस्व क्षेत्र उज्जैन का लगता है। ऐसे में जमीन को लेकर परेशानी आ रही है। इस मामले में उज्जैन के राजस्व अमले से संपर्क किया जाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा, क्योंकि चौकी के निर्माण के लिए राशि भी आवंटित हो चुकी है। - पंकज श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक-शाजापुर

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