हादसे के बाद: 18 घंटे लड़ता रहा जिंदगी की जंग, आधार कार्ड जेब में था और पुलिस परिजन को सूचना तक नहीं दे पाई

हादसे के बाद: 18 घंटे लड़ता रहा जिंदगी की जंग, आधार कार्ड जेब में था और पुलिस परिजन को सूचना तक नहीं दे पाई
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Gopal Swaroop Bajpai | Updated: 17 Nov 2017, 11:59:13 AM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

पुलिस की लापरवाही एक बार फिर सामने आई। दुर्घटना के बाद एक युवक जिला अस्पताल में 18 घंटे तक अंतिम सांसें गिनता रहा।

उज्जैन. पुलिस की लापरवाही एक बार फिर सामने आई। दुर्घटना के बाद एक युवक जिला अस्पताल में १८ घंटे तक अंतिम सांसें गिनता रहा। लेकिन पुलिस परिजनों को सूचना नहीं दे पाई। मौत के बाद परिजन अस्पताल पहुंचे, जबकि मृतक का आधार कार्ड उसकी जेब में रखा था।

दुर्घटना का शिकार हो गया
कोलूखेड़ी निवासी कमल लठिया पिता गब्बूलाल बुधवार दोपहर करीब १.३० बजे उन्हेल रोड स्थित सोडग़ के पास दुर्घटना का शिकार हो गया। अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर उसे गंभीर घायल कर दिया। घटना के बाद मौके पर पहुंची १०८ ने उसे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों ने इसकी सूचना भेरूगढ़ थाने को दी। मौके पर पहुंचे एएसआई राजेश पंचौली अस्पताल पहुंचे और जांच शुरू कर दी। गुरुवार सुबह ६.४५ बजे कमल की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद सुबह ७.३० बजे परिजनों को कहीं से सूचना मिली कि कमल की मौत हो गई। कमल के बेटे पवन ने बताया कि पिता की जेब में आधार कार्ड रखा था, लेकिन उन्हें सूचना नहीं दी गई। यदि समय पर सूचना मिल जाती तो वे बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल में ले जाते। वे अंतिम क्षणों में पिता को देख भी नहीं पाए।

नाना-नानी के साथ रहता है पवन

पवन ने बताया कि वह नाना-नानी के पास तिलकेश्वर कॉलोनी में रहता है। पिता का दोने-पत्तल निर्माण का व्यापार था। व्यापार के संबंध में ही वे शहर आने के लिए निकले थे। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

गलती किसकी...

थाने पर सूचना के बाद घायल या मृतक की शिनाख्त की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। पुलिस ही तलाशी लेकर परिजनों को सूचना करती है। अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी घायल के इलाज की होती है, लेकिन इस मामले में मौके पर पहुंचे एएसआई राजेश पंचौली ने घायल की ठीक ढंग से तलाशी नहीं ली। जिस वजह से अज्ञात में ही उसकी मौत हो गई। पीएम रूम में कपड़े उतारने के दौरान उसकी जेब से आधार कार्ड निकला।

" घायल के अस्पताल में पहुंचने के बाद वहां कर्मचारियों ने उसकी ठीक ढंग से तलाशी नहीं ली। अस्पताल पहुंचने के बाद कर्मचारियों ने उसके पास किसी प्रकार का पहचान पत्र नहीं मिलने की बात कही। सुबह पहचान होने के बाद परिजनों को सूचना दे दी थी।
- राजेश पंचौली, एएसआई थाना भैरूगढ़

" अस्पताल की उपचार की जिम्मेदारी होती है। शिनाख्त और तलाशी पुलिस को करना चाहिए। मामले में संबंधित की गलती है। जांच करेंगे।

- मलकीत सिंह, सीएसपी

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