1700 रुपए कम हुए पशु आहार के दाम, दूध के दाम नहीं गिरे

जनता को राहत दिलाए प्रशासन, आहार महंगा होने से सितंबर में बढ़े थे दूध के भाव, नया कपास बाजार में आने से कम हुए रेट, किसानों की उत्पादन लागत कम हुई लेकिन खरीदी रेट में बदलाव नहीं,

By: rishi jaiswal

Published: 27 Nov 2019, 10:00 AM IST

उज्जैन. प्रशासन चाहे तो शहरवासियों को दूध के बढ़े हुए दाम से राहत मिल सकती है। जिस तर्क के साथ व्यापारियों ने दूध के दाम बढ़ाए थे, अब वह तर्कसंगत नहीं रहा। पशु आहार के दाम बहुत अधिक होने पर दूध के दाम में ४६ से बढ़ाकर ४८ रुपए कर दिए थे, लेकिन बीते एक माह में पशु आहार में १७०० रुपए प्रति क्विंटल तक की कमी आई है। लेकिन इस मान से दूध के दाम में कमी नहीं हुई। दूध के दाम नियंत्रित कराने में भी प्रशासन रुचि नहीं ले रहा है।

शहर के दूध विक्रेताओं ने पशु आहार महंगा होने का हवाला देते हुए २१ सितंबर से शहर में दूध का खरीदी मूल्य २ रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिया था। एेसे में खुले बाजार में भी दूध दो रुपए लीटर महंगा हो गया था। लेकिन अब पशु आहार खली के दाम ४२०० रुपए प्रति क्विंटल से घटकर २५०० रुपए हो गए हैं। इसका कारण महाराष्ट्र व मप्र के इलाकों में कपास का बंपर उत्पादन होना है। साथ ही चापड़-चूरी के रेट में भी कमी आई है। एेसा होने पर दूध उत्पादन की लागत भी घटी लेकिन व्यापारियों ने दूध के दाम कराने में कोई पहल नहीं की।
कुछ यूं घटे पशु आहार के दाम

- बीते एक माह के अंतराल में महाराष्ट्र से आने वाली बेस्ट क्वालिटी की खली कपास्या के रेट ४२०० से घटकर २५०० रुपए हो गए हैं।
- उज्जैन जिले में ७५ प्रतिशत आपूर्ति महाराष्ट्र से आने वाली खली से ही होती है। इस खली की गुणवत्ता अच्छी होने से पशुओं के लिए यह उपयुक्त रहती है।

- तर्क दिया गया था कि आहार महंगा होने से किसानों को दूध उत्पादन में अधिक खर्च लग रहा है। लेकिन अब तो दाम पहले से भी कम हो गए।
- यदि दूध उत्पादन के खर्च की फिर से समीक्षा व व्यापारियों की बैठक की जाए तो दूध के दाम नियंत्रित हो सकते हैं।

4 माह में बढ़ गए 4रुपए प्रति लीटर
- १ जून २०१९ तक दूध के दसम शहर में ४४ रुपए लीटर थे। इस समय दुग्ध संघ द्वारा दूध खरीदी मूल्य ३० पैसे प्रति फेट बढ़ाने के चलते दूध व्यापारियों ने भी इसे लागू करते हुए यह मूल्य बढ़ा दिया था।

- २ जून को शहर में खुले दूध के रेट ४४ से बढ़कर ४६ रुपए प्रति लीटर कर दिए गए थे।
- २० सितंबर को पशु आहार के दाम बढऩे का हवाला देते हुए खरीदी मूल्य ४० पैसे प्रति फेट बढ़ा दिया।

- २१ सितंबर से शहर में दूध के दाम ४६ रुपए से बढ़कर ४८ रुपए प्रति लीटर हो गए।
- यानी ४ माह के अंतराल में दूध के दाम में ४ रुपए प्रति लीटर की तेजी आ गई।

पशु आहार के दाम पिछले एक साल में दोगुने तक बढ़े हैं। इस मान से तो दूध के दाम नहीं बढ़े। किसानों की दूध उत्पादन लागत लगातार बढ़ी है। हम तो किसान व ग्राहक दोनों के बीच की कड़ी है। इस बार की वृद्धि में हमें उल्टा और ४० पैसे प्रति लीटर का नुकसान हुआ।

मोहन वासवानी, अध्यक्ष, दूध विक्रेता संघ, उज्जैन

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