ये कैसी धोखाधड़ी : झूठी जानकारी देकर इंजीनियरिंग कॉलेज से स्टॉयफंड प्राप्त किया

ये कैसी धोखाधड़ी : झूठी जानकारी देकर इंजीनियरिंग कॉलेज से स्टॉयफंड प्राप्त किया
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Lalit Saxena | Updated: 12 Dec 2018, 07:39:13 PM (IST) Ujjain, Ujjain, Madhya Pradesh, India

पॉलीटेक्निक कॉलेज में अतिथि व्याख्याता रहते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज में एमटेक की पढ़ाई कर स्टाय फंड पाने का मामला सामने आया है।

उज्जैन. पॉलीटेक्निक कॉलेज में अतिथि व्याख्याता रहते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज में एमटेक की पढ़ाई कर स्टाय फंड पाने का मामला सामने आया है। व्याख्याता ने पॉलीटेक्निक कॉलेज में अतिथि व्याख्याता की जानकारी छुपाते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश लिया। पढ़ाई के दौरान बकायदा स्टाय फंड भी ले लिया। मामले में अब व्याख्याता के साथ पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य और प्रोफेसरों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत हुई है।


माधवनगर थाने में हुई शिकायत में बताया गया कि ओमप्रकाश बंबोरिया ने पॉलीटेक्निक कॉलेज में पेट्रो केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में बतौर अतिथि व्याख्याता के रूप में वर्ष २०१७ से सितंबर २०१८ तक पढ़ाया। इसके एवज में वेतन भी प्राप्त किया। वहीं अतिथि व्याख्याता रहते हुए इंजीनियरिंग कॉलेज में केमिकल इंजीनियरिंग में एमटेक के नियमित पढ़ाई की। इस दौरान बंबोरिया ने करीब २२ महीने का स्टाय फंड भी प्राप्त किया। शिकायतकर्ता भूपेंद्र दलाल ने बताया कि कोई विद्यार्थी नियमित अध्ययनरत है तो वह अतिथि व्याख्यता के रूप में कहीं ओर सेवा कैसे दे सकता है। आरोप है कि बंबोरिया ने झूठी जानकारी देकर इंजीनियरिंग कॉलेज से स्टॉयफंड प्राप्त किया, जो कि धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है।

बगैर जांच कैसे दे दिया स्टाय फंड
पुलिस में हुई शिकायत में पॉलीटेक्निक व इंजीनियरिंग कॉलेज में विभाग प्रमुख व प्राचार्य द्वार स्टायफंड दिए जाने में मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। पॉलीटेक्निक कॉलेज के पेट्रो केमिकल विभाग के आरपी सिंह के निर्देशन में अतिथि व्याख्याता बंबोरिया के अध्यापन कार्य किया तथा उनके द्वारा दी गई उपस्थिति पर मानेदय मिला। वहीं प्राचार्य डीएन महाजन ने मानदेय की अनुशंसा की। वहीं इंजीनियरिंग कॉलेज में केमिकल इंजीनियर के विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार द्विवेदी ने बंबोरिया की नियमित उपस्थिति बताकर २२ माह का स्टाय फंड का भुगतान किया। प्राचार्य डॉ. उमेश पेंढारकर ने मानदेय की अनुशंसा की।

मैं अभी बाहर हूं। इस बारे में आप से मिलकर बात करूंगा। अभी कुछ नहीं कह सकता।
- ओमप्रकाश बंबोरिया, अतिथि व्याख्याता

थाने पर शिकायत आई होगी, मैं अभी देख नहीं पाया हूं। यदि शिकायत है तो जांच कर कार्रवाई करेंगे।
- अरुण सोनी, टीआई, माधवनगर

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