scriptResearch... Sadhus being made in the country at the age of 14 years. | रिसर्च...देश में १४ वर्ष से कम उम्र में बन रहे साधु | Patrika News

रिसर्च...देश में १४ वर्ष से कम उम्र में बन रहे साधु

विक्रम विश्वविद्यालय ने सिंहस्थ 2016 पर किए गए रिसर्च में साधुओं से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य जारी किए, सिंहस्थ में आए साधुओं में 12 फीसदी से अधिक ने कर रखा था स्नातक, 2.50 फीसदी के पास थी डॉक्टरेट उपाधि

उज्जैन

Published: June 03, 2022 08:45:42 pm

उज्जैन। (जितेंद्रसिंह चौहान) सिंहस्थ में आए साधु-संत सिर्फ धर्म-कर्म में ही पांरगत नहीं थे बल्की उनके पास सांसरिक पढ़ाई का भी अव्वल ज्ञान था। सिंहस्थ २०१६ के दौरान आए साधुओं में सर्वाधिक १८.५ फीसदी ने १०वीं पास कर रखी थी वहीं १२ फीसदी ऐसे साधु थे जिन्होंने स्नातक से ज्यादा पढ़ाई कर रखी थ। इसके अलावा २.५० फीसदी के पास डॉक्टरेट की उपाधि थी। यहीं नहीं सिंहस्थ में वैष्णव संप्रदाय के साधुओं की संख्या सर्वाधिक थी। इस संप्रदाय से ५८.०२ फीसदी साधु थे। यही नहीं देश में १४ वर्ष से कम आयु में बालक वैराग्य का पथ पकड़ लेते हैं। सिंहस्थ २०१६ में करीब ४२.९ फीसदी साधु ऐसे थे जिन्होंने १५ से २१ वर्ष की उम्र में सांसरिक मोह त्याग कर धर्म प्रचार के रास्ते पर चल पड़ेे।
सिंहस्थ २०१६ में आए साधुओं को लेकर यह चौंकाने वाले आंकड़े हाल ही में विक्रम विश्वविद्यालय द्वार प्रकाशित सिंहस्थ विर्मश (सिंहस्थ महापर्व २०१६: अंतरानुशासनिक अनुसंधानात्मक अध्ययन )नामक पुस्तक में जारी किए गए हैं। इस पुस्तक में महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया कि देश में वर्तमान में १४ वर्ष से कम आयु में ही बच्चे साधु बनने की राह पर चल पड़ते हैं। वहीं ४२.२ फीसदी ऐसे हैं जो २५ से २१ वर्ष की युवा उम्र में साधु बन जाते है। इनके शिक्षा का स्तर पर भी काफी उच्च है। १८.५ प्रतिशत साधु १० वीं, १५.७ प्रतिशत १२वीं तो स्नातक से ज्यादा १२ प्रतिशत साधुओं ने पीएचडी कर रखी है। इसमें अशिक्षित साधुओं की संख्या महज ५.२ प्रतिशत है। भाषा की बात करें तो सबसे ज्यादा ८८ प्रतिशत हिंदी, ३.४ प्रतिशत मराठी, १.५ प्रतिशत बंगाली तो महज ०.३ प्रतिशत साधु ही अंग्रेजी बोल पाते हैं। इसके अलावा सबसे ज्यादा वैष्णव संप्रदाय में बनते है। इसमें ५८.०२ प्रतिशत साधु है तो दूसरे नंबर पर शैव संप्रदाय में २०.९८ फीसदी है। हालांकि ५.२५ प्रतिशत साधु ऐसे हैं जो खुद को किसी भी संप्रदाय में नहीं मानते हैं। अगर साधु बनने की बात करें तो सर्वाधिक साधु उत्तरप्रदेश और नेपाल से आते हैं। इन दोनों जगहों से २८-२८ प्रतिशत साधु है। इसके बाद तेलंगाना १२ प्रतिशत, उत्तराखंड ९.६ प्रतिशत, हरियाणा ७.४ से साधु आते हैं। इसमें मध्यप्रदेश से महज ४ फीसदी साधु ही आते हैं। वहीं अमेरिका से आने वाले साधु सिर्फ ०.३ प्रतिशत है। उल्लेखनीय है कि विक्रम विश्वविद्याल द्वारा प्रकाशित पुस्तक में डॉ. नवोदिता वर्मा एवं डॉ बलवीर सिंह ने साधुओं पर एक आर्थिक विश्लेषण किया था। जिसमें साधुओं की पढ़ाई, उनके गृहराज्य, शिक्षा, संप्रदाय, साधु बनने की आयु सहित अन्य विषयोंं अध्ययन कर तुलनात्मक जानकारियों एकत्र की गई।
ेगृहस्थ आश्रम से बना रखी है दूरी
सिंहस्थ २०१६ में आए अधिकांश साधुओं ने गृहस्थ आश्रम से दूरी बना रखी है। साधुओं के वैवाहिक स्थिति पर की गई रिसर्च में सामने आया कि ७३.१ फीसदी साधु ऐसे हैं जिन्होंने विवाह नहीं किया है। दूसरी और विवाह करने वाले साधुओं का प्रतिशत महज २१.९ प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि आध्यात्म की राह में संत अकेले ही चलना पसंद कर रहे हैं।
साधु बनने का उद्देश्य जनकल्याण
सिंहस्थ में आए साधु-संतों का कहना है कि वह इस क्षेत्र जनकल्याण के लिए आए हैं। ४७.५३ फीसदी साधुओं का कहना है कि इस क्षेत्र में आकर उनका उद्देश्य जनकल्याण है। वहीं ३५.८० फीसदी का आत्मा एवं जनकल्याण व ८.३३ का आत्मकल्याण तो ४.६३ का अन्य कारण होना है। हालांकि साधु बनने के पीछे प्रारंभिक रूप से आध्यत्मिक शांति, भगवान की प्राप्ति, धर्म की रक्षा, राष्ट्रसेवा, वेदों की रक्षा, पर्यावरण सरंक्षण , सामाजिक कल्याण, सनातन धर्म व परंपराओं की रक्षा जैसे विचार के बाद इस पथ पर आगे बढ़े हैं। साधु बनने के बाद ८७.३४ फीसदी संत सामाजिक कार्य में संलग्न हैं।
सिंहस्थ कुंभ में संतों की सर्वाधिक आस्था
उज्जैन में १२ वर्ष में एक बार और भीषण गर्मी में लगने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर साधु-संतों में सबसे ज्यादा आस्था है। साधुओं में जहां सभी कुंभ को लेकर २१.९ प्रतिशत आस्था है। वहीं हरिद्धार कुंभ में ३.४ प्रयागराज (इलाहाबाद) १४.५, नासिक में १०.२ फीसदी आस्था है तो उज्जैन सिंहस्थ में ३३.६ फीसदी आस्था जताई है। यही नहीं ५७.४१ प्रतिशत संत ऐसे हैं जिन्होंने १ से ५ कुंभ तो २८.०८ प्रतिशत ने ६ से १० व ९.५७ ने ११ से १५ तथा ४.०१ ने १६ से २० और ०.९२ प्रतिशत ने २१ से अधिक कुंभ में शाही स्नान पुण्य लेने की बात कही है।

Research... Sadhus being made in the country at the age of 14 years.
विक्रम विश्वविद्यालय ने सिंहस्थ 2016 पर किए गए रिसर्च में साधुओं से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य जारी किए, सिंहस्थ में आए साधुओं में 12 फीसदी से अधिक ने कर रखा था स्नातक, 2.50 फीसदी के पास थी डॉक्टरेट उपाधि

इनका कहना
सिंहस्थ महापर्व को हम धर्म, अध्यात्म व संस्कृति की दृष्टि से दखते हैं। पहली बार अनुशासनात्मक तरीके से सिंहस्थ के विभिन्न क्षेत्रों का गहराई से अनुसंधान किया है। इस शोद्य में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई है, जिसे सिंहस्थ विमर्श पुस्तक में संग्रहित किया है। भविष्य के सिंहस्थ में यह शोद्य महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन करेगा।
- प्रो शैलेंद्र शर्मा, संपादक व कुलानुशासक, विक्रम विश्वविद्यालय

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

Gujarat News: जामनगर के होटल में लगी भयानक आग, स्टाफ सहित 27 लोग थे मौजूद, सभी सुरक्षितत्रिपुरा कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन पर जानलेवा हमला, गंभीर रूप से हुए घायलबांदा में यमुना नदी में डूबी नाव, 20 के डूबने की आशंकाCM अरविंद केजरीवाल ने किया सवाल- 'मनरेगा, किसान, जवान… किसी के लिए पैसा नहीं, कहां गया केंद्र सरकार का धन'SCO समिट में पीएम मोदी के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की हो सकती है बैठकबिहारः 16 अगस्त को महागठबंधन सरकार का कैबिनेट विस्तार, 24 को फ्लोर टेस्ट, सुशील मोदी के दावे को नीतीश ने बताया बोगसझारखंड BJP ने बिहार के नए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को गिफ्ट में भेजा पेन, कहा - '10 लाख नौकरी देने वाली फाइल पर इससे करें हस्ताक्षर'Karnataka High Court: एक्सीडेंट में माता-पिता की मौत होने पर विवाहित बेटियां भी मुआवजे की हकदार
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.