श्रावण महोत्‍सव : महाकाल के आंगन में होगा सुरों का संगम, नृत्य-संगीत की रस वर्षा

श्रावण महोत्‍सव : महाकाल के आंगन में होगा सुरों का संगम, नृत्य-संगीत की रस वर्षा
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Lalit Saxena | Publish: Jul, 20 2019 07:12:19 PM (IST) Ujjain, Ujjain, Madhya Pradesh, India

महकालेश्‍वर मंदिर के प्रवचन हॉल में प्रत्‍येक रविवार 21 जुलाई से 25 अगस्‍त तक श्रावण महोत्‍सव 2019 मनाया जायेगा, जिसमें शास्‍त्रीय गायन, वादन एवं नृत्‍य की मधुर वर्षा होगी।

उज्‍जैन. महकालेश्‍वर मंदिर के प्रवचन हॉल में प्रत्‍येक रविवार 21 जुलाई से 25 अगस्‍त तक श्रावण महोत्‍सव 2019 मनाया जायेगा, जिसमें शास्‍त्रीय गायन, वादन एवं नृत्‍य की मधुर वर्षा होगी। रविवार को विवेक कर्महे द्वारा गायन, मेहताब अली द्वारा सितार वादन व स्‍वाति सिन्‍हा द्वारा कथक की प्रस्‍तुति दी जावेगी।

विवेक कर्महे ग्‍वालियर घराने के उदीयमान शास्‍त्रीय गायक

जबलपुर से अपनी प्रस्‍तुति हेतु आने वाले विवेक कर्महे ग्‍वालियर घराने के उदीयमान शास्‍त्रीय गायक है। आपका जन्‍म सन् 1992 में हुआ। वर्ष 2008 में विवेक का चयन, सत्‍य साई मीरपुरी कॉलेज ऑफ म्‍यूजिक, पुटपर्थी, आ.प्र. में हुआ। वहॉ से उन्‍होंने शास्‍त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा ग्रहण की। भिंडी बाजार घराने की गायिका विदूषी कुमुदनी मुन्‍दकुर से प्रशिक्ष्‍ाण प्राप्‍त किया। 2012 में विवेक का चयन विख्‍यात आई.टी.सी. संगीत रिसर्च एकेडमी, कलकत्‍ता में बतौर स्‍कॉलर हुआ, जहॉ उन्‍होंने 5 वर्ष तक पद्मविभूषित स्‍व. गिरिजादेवी जी के पास रहकर ठुमरी गायकी एवं पद्मश्री पं. उल्‍लास कशालकर जी एवं पं. ओंकार दादरकर से खयाल गायकी का सघन प्रशिक्षण प्राप्‍त किया। कर्महे वर्तमान में प्राचार्य पद पर महाराष्‍ट्र संगीत महाविद्यालय,जबलपुर में कार्यरत है, इन्‍हें पं. बबनराव हल्‍दनकर अवार्ड, काठमाण्‍डु संगीत समारोह अवार्ड आदि प्राप्‍त हुए है। हाल ही में इन्‍हें ऑल‍इंडिया रेडियो से ए-ग्रेड कलाकार की उपाधि एवं आई.सी.सी.आर. से आर्टिस्‍ट एमपेनलमेन्‍ट से पुरस्‍कृत किया गया है।

दिल्‍ली के मेहताब अली न्‍याजी

दिल्‍ली के मेहताब अली न्‍याजी ने 4 वर्ष की आयु से ही अपने पिता उस्‍ताद मोहसीन अली खान से सितार वादन की शिक्षा प्रारंभ की । मेहताब अली भिण्‍डी बाजार मुरादाबाद घराने से संबंध रखते हैं। इन्‍होंने लाईव ओके चैनल के हिन्‍दुस्‍तान के हुनरबाज कार्यक्रम में शिरकत की है, जो इनके जीवन में मील का पत्‍थर साबित हुआ। वे बंगाल फाउण्‍डेशन कलकत्‍ता भूमिजा ट्रस्‍ट बंगलोर व वाराणसी के संकटमोचन संगीत समारोह में शिरकत कर चुके हैं।

दिल्‍ली की स्‍वाति सिन्‍हा

दिल्‍ली की स्‍वाति सिन्‍हा ने कथक नृत्‍य की शिक्षा पंडित राजेन्‍द्र गंगानी जी से प्राप्‍त की है, इन्‍होंने देश व विदेश के कई समारोह में भाग लिया जैसे खजुराहो महोत्‍सव,कोणार्क महोत्‍सव, डेन्‍यूब कार्निवाल इत्‍यादि। एकल नृत्‍य प्रस्‍तुति के अलावा स्‍वाति जी ने नृत्‍य रचनाएं भी की है। जिनमें से प्रमुख अनवरत छंद प्रवाह व सम्‍प्रवाह आदि। इन्‍हें ग्‍लोरी अवार्ड, गुरू केलुचरण महापात्र युवा प्रतिभा अवार्ड, वीमेन अचीवर्स अवार्ड से सम्‍मानित किया गया है। सुश्री सिन्‍हा दूरदर्शन की ए ग्रेड कलाकार हैं, और आईसीसीआर. के सौजन्‍य से चीन,दक्षिण अफ्रीका, व दक्षिण कोरिया में प्रस्‍तुति दे चुकी हैं। शास्‍त्रीय गायन, वादन एवं नृत्‍य के माध्‍यम से नटराज श्री महाकालेश्‍वर की आराधना के उपक्रम में श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति सभी सुधीजनों साधकों और कला प्रेमियों को सादर आमंत्रित करती है।

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