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लंपी का साइड इफेक्ट : गाय के दूध की मांग 10 प्रतिशत घटी, भैंस के दूध की मांग बढ़ी

लंपी वायरस ने दूध उत्पादकों की बढ़ा दी परेशानी

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Side effect of lumpi: demand for cow's milk decreased by 10, demand f

लंपी वायरस ने दूध उत्पादकों की बढ़ा दी परेशानी

नागदा. मवेशियों में तेजी से फैलते लंपी वायरस ने दूध उत्पादकों की परेशानी बढ़ा दी है। गायों में फैलते लंपी वायरस की वजह से शहर में गाय के दूध की मांग 10 प्रतिशत तक घट गई है। यानी गाय का दूध पहलेे के 1500 लीटर के मुकाबले अभी 1350 लीटर ही आ रहा है। भैंस के दूध की मांग 30 प्रतिशत तक बढ़ी है। 11 हजार लीटर वर्तमान आवक के मुकाबले इसकी मांग 11,500 हजार लीटर तक बढ़ी है, लेकिन भैंसों को भी उचित आहार नहीं मिलने से वे दूध उत्पादक मांग की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। मवेशियों में लंपी वायरस की वजह से सरस दूध के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। वायरस के चलते डेयरी संचालक दूध उत्पादकों से केवल घर में बंधी गायों का दूध खरीद रहे हैं। जबकि सरस दूध विक्रेताओं का कहना है कि उनके यहां से ग्राहक गाय का दूध नहीं होने की शर्त पर ही दूध खरीद रहा है।
दूध उत्पादकों की मांग- लंपी वायरस की वजह से दूध उत्पादन पर खासा असर पड़ा है। दूध उत्पादकों भी दाम बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। दूध उत्पादक संघ अध्यक्ष इंदरसिंह गुर्जर ने बताया कि भैंस के दूध की मांग करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ी है, लेकिन एक भैंस एक समय में केवल ढाई से तीन लीटर दूध दे रही है। भैंस अगर एक समय में 4 से 5 लीटर दूध दें, तब जाकर वे मांग पूरा कर पाएंगे। अभी खल की बोरी के दाम बढ़कर 2200 से 2300 रुपए हो गए हैं। उन्हें दाम भी 8 रुपए फैट के हिसाब से मिल रहे हैं। इससे वे अपने खर्चे नहीं निकाल पा रहे हैं। 8.50 रुपए फैट के हिसाब से दाम मिलें, तब जाकर पूर्ति होगी। इसे लेकर समस्त दूध उत्पादक एसडीएम को ज्ञापन सौपेंगे।
शहर में दूध का गणित
11,000 लीटर पहले
10,500 लीटर अभी
सरस दूध:
3000 लीटर पहले
3600 लीटर अभी
ये है दूध के दाम
गाय का दूध:
38 रुपए लीटर होलसेल
35 रुपए लीटर काउंटर पर
भैंस का दूध:
45 रुपए लीटर होलसेल
50 रुपए लीटर काउंटर पर
पैकेट दूध:
54 से 59 रुपए लीटर
अनुभाग में लंपी वायरस की स्थिति
- कुल 15-16 हजार गायें
- 100-115 गायें संक्रमित
- 10 से 15 गायों की मौत 4 से 5 दिन में
- 4 से 5 हजार गायों का वैक्सीनेशन
मिठाई के व्यापार पर असर- आगामी त्योहारों के चलते शहर में मिठाइयों की डिमांड बढऩा तय है, लेकिन वायरस के कारण दूध उत्पादन पर असर पडऩे से दूध से बनी चीजों पर भी असर पड़ेगा। ऐसे में मिठाई व्यापारी ड्रायफ्रूट मिठाइयों पर जोर दे रहे हैं। आगामी दिनों में मिठाइयों के दाम भी बढऩे के आसार है।