यहां रात्रि विश्राम नहीं कर सकते सीएम और कोई राजा, जो रूका उसे भुगतना पड़ता है खामियाजा

सिंहस्थ के दौरान भी शिराज सिंह चौहान रात्रि विश्राम यहां नहीं करते थे।

By: Pawan Tiwari

Updated: 12 Feb 2021, 02:32 PM IST

उज्जैन. बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भाजपा विधायकों के प्रशिक्षण का दो दिवसीय कार्यक्रम चल रहा है। इश कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत पार्टी के कई सीनियर नेता भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में भाजपपा के कई दिग्गज नेता आझ रात उज्जैन में ही रूकेंगे लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यहां नहीं रूकेंगे। कहा जाता है कि उज्जैन में रूकने को लेकर एक मिथक है और यह मिथक लंबे समय से चला आ रहा है।

क्या है मिथक
उज्जैन को लेकर कई सदियों से ये मिथ है कि यहां राज परिवार के सदस्य रात नहीं गुजारते हैं। सिंधिया परिवार के सदस्य यहां इसी मिथ के चलते रात में नहीं रुकते हैं। इतना ही नहीं ये मिथ आज़ाद भारत के बाद अब तक बना हुआ है और अब इस 'मिथ' के चलते कोई भी मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति या देश का प्रधानमंत्री कभी भी उज्जैन में रात को नहीं रूकता है। सिंहस्थ के दौरान भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार उज्जैन में रहे, लेकिन शाम ढलते ही वो हमेशा भोपाल वापस लौट जाते थे।

कैसे बनी धारणा
दरअसल, बाबा महाकाल को उज्जैन का राजाधिराज माना जाता है। ऐसी धारणा है कि एक राज्य में दो राजा नहीं रूक सकते हैं। उज्जैन के राजा महाकाल हैं। धारणा है कि जो भी राजा या मुख्यमंत्री यहां रात में रुका उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया सिंधिया वंश के महाराज हैं तो शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के सीएम ऐसे में ये दोनों ही नेता उज्जैन में रात्रि विश्राम नहीं करेंगे।

क्या है कार्यक्रम
ज्योतिरादित्य सिंधिया के तय कार्यक्रम के अनुसार, भाजपा विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग में भाग लेने के बाद वो इंदौर के लिए रवाना होंगे उसके बाद वो इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। वहीं, शिवराज सिंह चौहान भी रात में भोपाल के लिए रवाना हो जाएंगे।

Jyotiraditya Scindia
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