विद्यार्थी मजबूर हुए ताले लगाने को

विक्रम विश्वविद्यालय की तीन अध्ययनशालाओं के विद्यार्थियों का आक्रोश फूटा पड़ा। कक्षा का बहिष्कार कर ताला जड़ दिया। परिसर में पीने का पानी तक नहीं है,और गंदगी का आलम हैं।

By: Shailesh Vyas

Published: 15 Nov 2019, 09:06 AM IST

उज्जैन. विक्रम विश्वविद्यालय की तीन अध्ययनशालाओं के संचालन वाले वाग्देवी भवकी अव्यवस्थाओं से नाराज विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार करने के बाद भवन के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। आश्वासन मिलने और कार्य प्रारंभ होने पर ताले खोले गए। विक्रम विश्वविद्यालय के वाग्देवी भवन में हिन्दी, कॉमर्स और पर्यावरण अध्ययनशाला का संचालन होता है और इसमें १५० से अधिक छात्र-छात्राएं अध्यययनरत हैं। इनका कहना था कि भवन में व्याप्त समस्याओं के कारण अध्ययन करना मुश्किल हैं।
सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को
परिसर और भवन में नियमित सफाई नहीं होती हैं। पीने के पानी का अभाव है। लंबे समय से वॉटर कूलर बंद हैं। कक्षाओं में बोर्ड क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इनको बदला नहीं जा रहा हैं। कक्षाओं में पक्षियों का बसेरा है, जो टेबल पर गंदगी कर जाते हैं। इसी के साथ सुविधाघर का प्रयोग करना भी किसी बड़ी असुविधा से कम नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी छात्राओं को हो रही हैं। साफ-सफाई को लेकर कर्मचारियों और संसाधन में कमी की बात सामने आई। विभागों में व्याप्त गंदगी से परेशान विद्यार्थी ने सफाई नहीं होने पर मुख्यभवन पर ताला लगा दिया। विद्यार्थियों का यह भी कहना था कि कर्मचारियों के पास झाडू, फिनाइल और सफाई अन्य साधन भी नहीं हैं। इस संबंध में पूर्व में भी कई बार मांग की जा चुकी हैं। समस्याओं के निराकरण के लिए हर बार प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ता हैं। इसके बाद ही काम होते हैं। तालाबंदी की जानकारी मिलने पर विवि छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष आरके अहिरवार वाग्देवी भवन पहुंचे। विद्यार्थियों से बात कर संबंधित विभाग को सफाई और अन्य कार्य के निर्देश दिए। इसके बाद तालाबंदी खत्म हुई।
विवि शिक्षकों की भूख हड़ताल जारी
पदोन्नति की मांग को लेकर विक्रम विश्वविद्यालय में शिक्षकों की क्रमिक भूख हड़ताल जारी हैं। गुरुवार को मनू गोरहा और प्रीति दास भूख हड़ताल रहे। इस बीच विवि के पूर्व प्राध्यापक और पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय ने धरना स्थल पर पहुंच कर हड़ताल कर रहे शिक्षकों से चर्चा की। शिक्षक संघ के अध्यक्ष कनिया मेड़ा ने पदोन्नति के संबंध में विभिन्न स्थिति से पूर्व सांसद को अवगत कराया।

Shailesh Vyas Desk
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