scriptSuch rites are given in the family, children become friends of bird | परिवार में दिए ऐसे संस्कार कि बच्चे भी बने पंछी मित्र | Patrika News

परिवार में दिए ऐसे संस्कार कि बच्चे भी बने पंछी मित्र

कहीं परिवार के बड़े बुझा रहे पंछियों की प्यास तो कहीं बच्चों ने आदत को दिनचर्या में शामिल किया

उज्जैन

Published: April 09, 2022 08:42:49 pm

उज्जैन. भीषण गर्मी पंछियों के लिए परेशानी बन रही है वहीं शहरवासी अब उनके लिए मानवता की छांव बन रहे हैं। कई घरों की छतों से लेकर उद्यानों तक में पंछियों के लिए सकोरे व अन्य बर्तन नजर आने लगे हैं जिनमें वे अपनी भूख-प्यास बुझा पा रहे हैं। हालांकि अभी भी पंछियो के लिए और व्यवस्थाएं जुटाने की जरूरत है ताकि उनमें से किसी को भी दाना-पानी के लिए न दूर  तक भटकना पड़े और नहीं इसकी कमी से किसी मासूम पंछी की सांसे थमें ।

Such rites are given in the family, children become friends of bird
कहीं परिवार के बड़े बुझा रहे पंछियों की प्यास तो कहीं बच्चों ने आदत को दिनचर्या में शामिल किया

शनिवार को शहर का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक था। इतनी गर्मी मनुष्यों के लिए ही खतरनाक होती है तो फिर कोमल काया के मासूम पंछियों के लिए तो जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसी भीषण गर्मी में पंछियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखना होता है। ऐसे मौसम जहां पंछियों को पानी की अधिक आवश्यकता होती है वहीं उन्हें पीने के लिए आसानी से पानी उपलब्ध भी नहीं हो पाता है। अच्छी बात है कि शहर में कई लोग पंछियों के सूखे कंठों को पानी देने का कार्य कर रहे हैं। किसी घर में परिवार के बड़े पंछियों की चिंता कर रहे हैं तो कहीं बच्चों ने इसे आदत बनाने के साथ ही संस्कार के रूप में अपना लिया है। इसी तरह अन्य घर-बगीचों में भी लोग आगे आए तो पंछियों को बड़ा सहारा मिल सकेगा।

पौतो के साथ बगीचे में रखते हैं पानी

सुभाषनगर निवासी लालचंद नांदेचा गर्मी में पंछियों के लिए उनके मित्र की भूमिका निभा रहे हैं। वे अपने घर के सामने िस्थत बगीचे में पंछी व गिलहरियों के लिए पानी भकर सकोरे रखते हैं। अच्छी बात यह है कि इस कार्य में उनके पौते अर्हम और अर्नव भी पूरा साथ देते हैं। वे अपने दादाजी के साथ रोज गार्डन में आकर पंछियों के लिए पानी की व्यवस्था करते हैं। अर्नव तो बगीचे के वृक्षों में भी सकोरे रखता है ताकि पंछियों को वहां भी पानी उपलब्ध हो सके। यही नहीं वह स्कूल में अपने दोस्तों को भी पंछियों की मदद करने का कह रहे हैं।

पंछियों की सेवा को दिनचर्या में शामिल किया

अरिहंतधाम कॉलोनी निवासी वरिष्ठ समाजसेवी राजेंद्र चेलावत ने पंछियों की सेवा को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनालिया है। वे हमेशा इस बात का ध्यान रखते हैं कि उनके घर के आसपास आए पंछियों को दाना-पानी के लिए यहां-वहां भटकना न पड़े। वे रोज पंछियों के लिए नियमित रूप से सकोरे में पानी भरकर रखते है। साथ ही गर्मी में पंछी परेशान न हो, इसलिए अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं।

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