ये क्या ! शिक्षक सम्मान समारोह का ऐसा मजाक, खाली पड़ी कुर्सियों को दिया उपदेश...देखें वीडियो

ये क्या ! शिक्षक सम्मान समारोह का ऐसा मजाक, खाली पड़ी कुर्सियों को दिया उपदेश...देखें वीडियो

Lalit Saxena | Publish: Sep, 05 2018 10:47:38 PM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

समारोह में खाली कुर्सियां भरने एनजीओ वॉलेंटियर व स्कूली बच्चे बुलाए, तब भी आधी खाली रहीं

उज्जैन। नगर निगम द्वारा बुधवार को आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह महज खानापूर्ति बनकर रह गया है। कालिदास अकादमी संकुल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में चंद भाजपा पार्षद, कार्यकर्ता व शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग पहुंचे। लिहाजा तत्काल हॉल भरने स्वच्छता रैकिंग के लिए अनुबंधित एनजीओ के वॉलेंटियर, दशहरा मैदान मावि क्रमांक 2 के बच्चे बुलवाए, लेकिन फिर भी आधी से अधिक कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। समारोह में 26 शिक्षकों का उत्कृष्ट कार्यों के लिए शॉल, श्रीफल व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मान किया गया। समारोह के नाम आला जनप्रनिधियों की मनमानी के चलते अधिकांश पार्षदों ने इससे किनारा कर लिया।

समारोह के लिए दो से ढाई लाख खर्च
नगर निगम हर साल शिक्षक दिवस पर समारोह के लिए 2 से 2.50 लाख रुपए खर्च करता है। लेकिन शिक्षक चयन को लेकर होने वाली राजनीतिक खींचतान व मनमानी के चलते ये कार्यक्रम अब अपनी पहचान खोने लगा है। हालांकि इस बार निगम प्रशासन ने शिक्षा विभाग के जरिए नाम बुलवाए थे, लेकिन कार्यक्रम में लोगों की न के बराबर उपस्थिति ने व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगा दिए हैं। समारोह को शिक्षाविद् दिवाकर नातू, महापौर, निगमायुक्त आदि ने संबोधित किया। आभार शिक्षा समिति प्रभारी नीलू रानी खत्री ने माना।

ये शिक्षक हुए सम्मानित, छह एक ही स्कूल के
इरफान अली कुरैशी, अर्चना वदेका, शाहेदा बी, सीमा कुरैशी, उर्मिला जोशी, पूनम शर्मा, वासुदेव मंडलोई, डॉ. अरुणा जाउलकर, शकुंतला मौर्य, दीनदयाल दुबे, प्रधुन्न पाण्डे, मंजुला गोयल, संजय जौहरी, जयश्री कड़ेल, प्रकाश जोशी, अनीता भटनागर, हेमलता हंस, प्रमिला व्यास, अशोक पंवार, श्यामसुंदर भट्ट तथा एक ही स्कूल (शासकीय दशहरा मैदान कन्या मावि क्रमांक 2) के महेंद्र दुबे, कमल किशोर कुल्मी, ललिता जोशी, मीनाक्षी गंधरा, मधुबाला गुप्ता, अनीता पागे को समारोह में सम्मानित किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. मूसलगांवकर
समारोह के मुख्य अतिथि व विवि की संस्कृत ज्योर्तिविज्ञान अध्ययनशाला अध्यक्ष डॉ. राजेश्वर शास्त्री मूसलगांवकर ने कहा कि अध्ययन व अध्यापन की अनवरत यात्रा का नाम शिक्षक है। शिक्षक एक व्रत है नौकरी नहीं, लेकिन आज एेसा क्या हो गया कि छात्राओं के मध्य आदर्श का अभाव है। शिक्षक आदर्श क्यों नहीं बना पा रहे। शिक्षकों का दायित्व है कि वह राष्ट्रवाद व संस्कारों वाली शिक्षा प्रदान करें। इसके लिए खुद शिक्षक को भी चरित्रवान बनकर नवीन पीढ़ी को एेसे संस्कार देने होंगे। इस मौके पर निगम की ओर से डॉ. मूसलगांवकर का भी शॉल श्रीफल व प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मान किया गया।

 

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तुषार नौजवान फेडरेशन ने किया सम्मान
शिक्षक दिवस के मौके पर तुषार नौजवान फेडरेशन ग्रुप द्वारा शिक्षकों का सम्मान किया गया। अध्यक्ष गौरव पेडवा ने बताया कि मुख्य अतिथि जयपुर के दुर्गेश बैरवा थे। नरेंद्र कुमार पेडवा, विष्णु प्रसाद ठाकुर, आदर्श जैन, निर्मला हाड़ा, रचना जैन आदि का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया गया। इस मौके पर आदित्य दिलवारी, हर्ष चौहान, कमलेश मरमट, अनिल जयसिंघानी, राकेश गुप्ता, राजेश पेडवा, मनोज ललावत, दीपक कुवाल, ऋषभ पेडवा, पदम ललावत आदि मौजूद थे।

मत का प्रयोग करने की दिलाई शपथ
शिक्षक दिवस पर ग्राम पंचायत कालूखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रहवासियों और स्कूली बच्चों को अपने मत का प्रयोग करने की शपथ दिलाई गई। मुख्य अतिथि ओम जैन, डीएम शुक्ला संकुल प्राचार्य, सरपंच सुमेर सिंह आदि ग्रामवासी मौजूद थे।

जनसेवा समिति ने किया शिक्षकों का सम्मान
दौलतगंज हायर सेकंडरी स्कूल में कृषि मंडी जन सेवा समिति ने शिक्षकों का सम्मान किया। समाजसेवी विद्या व्यास की मौजूदगी में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया गया।

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