कूटरचित दस्तावेजों से हो रहा 40 लाख का टेंडर हथियाने का खेल

टायर खरीदी टेंडर में फर्जीवाड़ा, दो सप्लायर्स ने अधिकृत विक्रता होने के फर्जी सर्टिफिकेट लगाए

By: Lalit Saxena

Published: 07 Jun 2018, 06:00 AM IST

उज्जैन। नगर निगम में टेंडर लेने के नाम पर नई तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया है। ४० लाख रुपए के टायर ट्यूब खरीदी के टेंडर में निगम से जुड़े दो सप्लायर्स ने एक प्रतिष्ठित टायर कंपनी का अधिकृत विक्रता होने संबंधी फर्जी सर्टिफिकेट टेंडर में सबमिट कर दिए। ऑनलाइन भरे गए इन टेंडरों के खुलने के बाद ये फर्जीवाड़ा पकड़ में आया। जिस पर सीएट टायर लिमिटेड कंपनी ने निगमायुक्त को इमेल के जरिए शिकायत भेज संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग रखी।
निगम वर्कशॉप से जारी टेंडर क्रमांक ४५५४ में ये फर्जीवाड़ा हुआ है। निगम में सप्लाय देने वाले मेसर्स डिलाइट ऑटो इलेक्ट्रिक वक्र्स व मेसर्स पटेल ब्रदर्स ने खुद को सीएट टायर कंपनी का अधिकृत विक्रेता होने संबंधी प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्रस्तुत किए हैं। इस पर सीएट लिमिटेड इंदौर के टेरेटरी मैनेजर मुर्तजा सैफी ने इमेल के जरिए साफ किया कि हमारे अधिकृत विक्रेता मेसर्स मानस टायर चिमनगंज मंडी उज्जैन हैं। जिन दो सप्लायर्स ने हमारे अधिकृत विक्रेता होने का दावा किया वह अवैधानिक हैं। हमने उन्हें कभी कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। इस मेल के बाद निगम महकमे में हलचल मच गई ओर ताबड़तोड़ टेंडर की आगामी प्रक्रिया रोक दी गई।
निगम ने ब्रांडेंड कंपनियों के टायर मांगे
निगम ने अपने वाहनों के लिए टेंडर जारी कर अलग साइजों में विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों के टायर मांगे हैं। इसके लिए शर्त है कि संबंधित निविदाकार किसी नामी कंपनी का अधिकृत विक्रेता हो। जिन दो फर्मों ने टेंडर डाले वे सीधे तौर पर टायर विक्रेता नहीं है। टेंडर की शर्त पूरी करने के लिए उन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट लगा दिए। जो अन्य निविदाकार की सजगता से पकड़ में आ गए। बता दें, कई बार निगम अधिकारियों की साठगांठ से इस तरह के खेल को अंजाम दिया जाता है।
सब कुछ साफ, फिर भी नोटिस देने का दिखावा
इस मामले में जब सीएट कंपनी ने अपनी ओर से स्पष्ट कर दिया कि उक्त दोनों फर्मों से हमारा कोई लेना देना नहीं। मतलब साफ है कि इनके द्वारा प्रस्तुत प्रमाण पत्र कूटरचित होकर फर्जी हैं। बावजूद इसके निगम के आला अधिकारी इन फर्मों को नोटिस देने कि तैयारी में है। ताकी जैसे तैसे मामले को ठंडे बस्ते में डाला जा सके। सूत्रों के अनुसार प्रकरण में नोटशीट भी आगे बढ़ी है जिस पर आवश्यक कार्रवाई के लिए उपायुक्त व वर्कशॉप प्रभारी सुनील शाह द्वारा टीप लिखी गई है।
शिकायत मिली है
उक्त टेंडर के संबंध में कूटरचित दस्तावेज लगाने संबंधी शिकायत मिली है। वर्कशॉप की ओर से आई नोटशीट पर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सुनील शाह, उपायुक्त व प्रभारी वर्कशॉप, ननि


हमारा एक ही अधिकृत विक्रेता
उज्जैन में हमारी कंपनी के एक ही अधिकृत विक्रेता मेसर्स मानस टायर हैं। टेंडर में जिन दो फर्मों ने विक्रेता होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है, वह सीधे हमारी कंपनी की ओर से जारी नहीं किया गया है। इस संबंध में हमने निगम प्रशासन को मेल से शिकायत भेजी है।
मुर्तजा सैफी, टेरेटरी मैनेजर, सीएट टायर लिमिटेड, इंदौर

Lalit Saxena
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