अधिकारियों की लापरवाही नौनिहालों पर पड़ न जाए भारी

चंबल नदी के बाद शहर में दूसरे स्थान पर पेयजल की महत्वता रखने वाला बनबना तालाब नहर इन दिनों दुर्घटना को न्योता दे रहा है। कारण नहर के दोनों ओर सीमेंट की बाउंड्रीवॉल नहीं होना।

By: Ashish Sikarwar

Published: 06 Jan 2020, 11:55 PM IST

नागदा. चंबल नदी के बाद शहर में दूसरे स्थान पर पेयजल की महत्वता रखने वाला बनबना तालाब नहर इन दिनों दुर्घटना को न्योता दे रहा है। कारण नहर के दोनों ओर सीमेंट की बाउंड्रीवॉल नहीं होना। दूसरी ओर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की हद तब पार हो जाती है। जब अफसरों द्वारा नहर के दूसरे छोर से सटाकर आंगनवाड़ी का निर्माण कर दिया गया है। नहर आदिनाथ कॉलोनी स्थित बाल शिक्षा केंद्र क्रमांक 38 के नाम से संचालित होती है। परेशानी यह है कि रबी फसलों की सिंचाई के लिए जल संसाधान विभाग द्वारा प्रतिमाह बनबना तालाब से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे भवन के क्षतिग्रस्त होने का खतरा मंडरा है। इतना ही नहीं नहर में पानी होने के कारण भवन में पढ़ाई के लिए पहुंचने वाले बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इन स्थानों से होकर गुजरती है नहर
नागदा शहर से लगे तालाब से एक नहर निकली है। जो पुवाडलिया, आदिनाथ कॉलोनी, जीवाजी नगर, हवाई पट्टी, दुर्गापुरा, पारदी, मेहतवास होती हुई टकरावदा तक पहुंचती है। बताया जा रहा है कई स्थानों से नहर क्षतिग्रस्त हो गई तो कई स्थानों पर अतिक्रमण हो गया। नहर के दोनों ओर सीमेंट की बाउंड्री नहीं होने के कारण नहर क्षतिग्रस्त हो रही है। इस स्थान पर आंगनवाड़ी है। उक्त स्थान पर नहर का पानी जमा होने से भवन में सीलन (नमी) हो रही है। यदि नहर में एकाएक पानी छोड़ा गया तो भवन को नहर अपने साथ बहा ले जाएगी। बनबना तालाब के आधे पानी का उपयोग नगर पालिका द्वारा पेयजल सप्लाई के लिए किया जाता है। उक्त प्रदाय मार्केट क्षेत्र में मौजूद पेयजल टंकियों के लिए किया जाता है। बाकी बचे पानी का उपयोग जल संसाधन विभाग द्वारा नहर में छोड़ा जाता है।
आंगनवाड़ी भवन निर्माण की अनुमति स्थानीय निकाय द्वारा नक्शा और संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा बताए गए मापदंडों के आधार दी जाती है। नहर में हाल ही में पानी छोड़ा है। दुर्घटना होने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता। इसके लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
रोशनसिंह, एसडीओ जलसंसाधान विभाग, खाचरौद
मामले की जानकारी आपसे मिली है। मौके पर पहुंचकर भवन की सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखा जाएगा।
मुकेश वर्मा, परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग

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