इन श्रमिकों को २०० रुपए में मिलेगी एक माह बिजली, बकाया भी होगा माफ

एक जुलाई से मिलेगा योजना का लाभ, ओवर ड्यू होगा माफ

By: Lalit Saxena

Published: 06 Jun 2018, 08:01 AM IST

राघवेंद्र ठाकुर. नागदा. शहर के असंगठित मजदूरों और श्रमिकों के लिए खुश खबर हैं। शासन की महत्ती योजना असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाले श्रमिकों को अब बिजली बिलों के भुगतान में राहत मिलेगी।
सरकार ने मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना लागू की है, जिसके तहत 200 रुपए मासिक फ्लेट रेट पर बिजली सहित कई अन्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए असंगठित मजदूरों और श्रमिकों में नागदा-खाचरौद विधानसभा क्षेत्र में ५३ हजार श्रमिक, जिसमें नागदा शहरी क्षेत्र के करीब १० हजार श्रमिक एवं प्रदेश भर में एक करोड़ लोगों को योजना का लाभ मिलने का अनुमान है।
योजना एक जुलाई २०१८ से लागू होगी। एक से सात अप्रैल तक श्रमिक पंजीयन अभियान चलाकर किए गए थे। बता दें, कि इस योजना में उन सभी श्रमिकों का पंजीयन किया गया है, जो आयकरदाता नहीं हैं और जिनके पास दो हैक्टेयर से कम जमीन है।
मिली दोहरी सौगात
असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को योजना के अंतर्गत दोहरी सौगात दी गई। जिसके अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के एक जुलाई २०१८ के पूर्व की सभी विद्युत बकाया राशि को माफ कर दिया गया है। श्रमिकों को एक जुलाई २०१८ के बाद आने वाली बिजली राशि का ही भुगतान करना होगा। योजना की खास बात यह है कि २०० रुपए से एक हजार तक की विद्युत राशि आती है, उन्हें केवल २०० रुपए का भुगतान करना होगा। शेष राशि का अंतर यानी ८०० रुपए सरकार या असंगठित कामगार बोर्ड वहन करेगा। यहां यह भी जानना जरुरी है कि यदि किसी व्यक्ति का विद्युत बिल २०० रुपए से कम राशि का आता है, तो उसे उक्त राशि ही भुगतान करना होगा। उदाहरण के लिए यदि किसी श्रमिक का बिल १५० रुपए आता है तो उसे १५० रुपए ही देना होगा। यदि श्रमिक का बिल एक हजार रुपए से अधिक आता है, तो उसे पूरी बिल की राशि का भुगतान करना होगा।
पंजीयन पांच साल तक रहेगा वैध
श्रमिक पंजीयन पांच साल तक वैध रहेगा। बताया गया है कि, योजना में फ्लेट रेट पर बिजली के साथ ही गर्भवती श्रमिक महिलाओं को 4 हजार रुपए और प्रसव होने पर 12 हजार 500 रुपए मिलेंगे। मुखिया श्रमिक की सामान्य मौत पर परिवार को 2 लाख, दुर्घटना में मौत पर 4 लाख रुपए की सहायता, श्रमिक को मृत्यु पर अंतिम संस्कार के लिए पंचायत व नगरीय निकाय से 5 हजार नकद सहायता मिलेगी। वहीं पंजीकृत श्रमिक व उसके परिवार के सदस्यों की गंभीर बीमारी नि:शुल्क इलाज और बच्चों की कक्षा एक से पीएचडी तक नि:शुल्क शिक्षा दिलाई जाएगी। इसके साथ ही कुछ अन्य और लाभ भी मिलेंगे।
यह श्रमिक शामिल हुए असंगठित क्षेत्र में
असंगठित श्रमिकों में कृषि मजदूर, लघु कृषक, ढाई एकड़ तक के भूमि स्वामी, घरेलू श्रमिक, फेरी लगाने वाले, दुग्ध श्रमिक, मछली पालन श्रमिक, पत्थर तोडऩ़े वाले, ईंट बनाने वाले, गोदामों में काम करने वाले, मोटर परिवहन, हथकरधा, पावर लूम, रंगाई, छपाई, सिलाई, अगरबत्ती बनाने वाले, चमड़े की वस्तु एवं जूते बनाने वाले, ऑटो रिक्शा चालक, आटा, तेल, दाल, चावल मिलो में काम करने वाले, लकड़ी का काम करने वाले, बर्तन बनाने वाले, कारिगर, लुहार, आतिशबाजी उद्योग में लगे श्रमिक, निजी सुरक्षा एजेंसियों में काम करने वाले, कचरा बीनने वाले, सफाईकर्मी, हम्माल, तुलावटी, गृह उद्योग में नियोजित श्रमिक शामिल किए गए हैं।
&सरकार ने अब मुख्यमंत्री असंगठित मजदूर कल्याण योजना लागू की है, जिसके तहत 200 रुपए मासिक फ्लेट रेट पर बिजली सहित कई अन्य सुविधाएं मिलेगी। इसके लिए असंगठित मजदूरों और श्रमिकों के उज्जैन जिले सहित नागदा-खाचरौद विकासखंड के ५७ हजार श्रमिक एवं प्रदेश भर में एक करोड़ लोगों को योजना का लाभ मिलने का अनुमान है। योजना एक जुलाई से लागू होगी।
सुल्तानसिंह शेखावत, अध्यक्ष, असंगठित कर्मकार मंडल

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