इस बार श्राद्ध पक्ष के अगले दिन से नहीं लगेगी नवरात्रि....

Ujjain News: - लीप वर्ष के कारण ऐसा होगा, इसलिए चातुर्मास चार नहीं, बल्कि पांच महीने का होगा

By: Lalit Saxena

Published: 30 Jun 2020, 09:08 AM IST

उज्जैन. हर साल श्राद्ध पक्ष के अगले दिन से नवरात्रि की पूजा शुरू हो जाती है। और कलश स्थापना से लेकर प्रथम देवी की अर्चना शुरू हो जाती है। लेकिन इस साल ऐसा नहीं हो रहा है। इस बार श्राद्ध समाप्त होते ही अधिकमास लग जाएगा। अधिकमास लगने से नवरात्रि 20-25 दिन आगे बढ़ जाएगी। इस साल दो महीने अधिकमास लग रहे हैं।
ज्योतिषों की मानें तो लीप वर्ष के कारण ऐसा हो रहा है। इसलिए इस बार चातुर्मास जो हमेशा चार महीने का होता है, इस बार पांच महीने का होगा। 160 साल बाद लीप ईयर और अधिकमास दोनों ही एक साल में हो रहे हैं। चतुर्मास लगने से विवाह, मुंडन, कर्ण छेदन जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे। इस काल में पूजन पाठ व्रत उपवास और साधना का विशेष महत्व होता है। इस दौरान देव सो जाते हैं। देवउठनी एकादशी के बाद ही देव जागते हैं।

17 सितंबर को होंगे श्राद्ध समाप्त
इस साल 17 सितंबर को श्राद्ध खत्म होंगे। इसके अगले दिन अधिकमास शुरू हो जाएगा, जो 16 अक्टूबर तक चलेगा। 17 अक्टूबर से नवरात्रि व्रत रखें जाएंगे। 25 नवंबर को देवउठनी एकादशी होगी। साथ ही चातुर्मास समाप्त होंगे। इसके बाद ही शुभ कार्य शुरू हो सकेंगे।

देवीय शक्तियां सुप्त अवस्था में होती हैं
ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास ने बताया कि दक्षिणायन यानी दक्षिण दिशा आसुरी कही जाती है, इन दिनों दक्षिणायन में आसुरी ऊर्जा जाग्रत और देवीय शक्तियां सुप्त अवस्था में होती हैं। जिस कारण शुभ कार्य नहीं होते। देवप्रबोधिनी एकादशी 25 नवंबर को होगी। चातुर्मास में आसुरी शक्तियों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए धर्म ग्रंथ, सत्संग, भजन-कीर्तन, प्रवचन, भागवत कथाएं श्रवण करने से लाभ होता है।

Lalit Saxena
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