असहाय युवती के निशुल्क विवाह में यह देंगे सामग्री

सामाजिक समरसता के लिए तहसील के ग्राम खरसौदकलां में एक अनूठा उदाहरण पिछले दो वर्षों से पेश किया जा रहा है।

By: Lalit Saxena

Published: 25 Apr 2018, 08:00 AM IST

राजेंद्र अग्रवाल. बडऩगर. सामाजिक समरसता के लिए तहसील के ग्राम खरसौदकलां में एक अनूठा उदाहरण पिछले दो वर्षों से पेश किया जा रहा है। इस गांव में तीन मित्रों ने एक वर्ष पहले बैठे-बैठे ही निर्णय लिया कि गांव में रह रही अजा, अजजा वर्ग की निर्धन, असहाय युवतियों का नि:शुल्क विवाह प्रति वर्ष किया जाएगा। यह विवाह पूर्ण रीति-रिवाज एवं धूमधाम से होगा। इस विवाह में गांव की किशोरियों को दहेज में उसके दैनिक उपयोग की समस्त वस्तु के साथ ही बारात, सैकडों लोगों का भोजन भी किया जाएगा। इस वर्ष गांव में यह विवाह दूसरी बार 29 अप्रैल रविवार को होने जा रहा है।
सरपंच प्रतिनिधि ललित जानी ने कहा कि गांव में रहने वाली पारस पिता बाबूलाल बलाई का नि:शुल्क विवाह 29 अप्रैल को धूमधाम से होगा। पारस के माता-पिता दोनों मजदूरी करते हैं और उसके बड़े भाई की जानवर के काटने से मृत्यु हो गई है एवं दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। ऐसे में माता-पिता के पास लड़कियों की शादी के लिए किसी प्रकार का कोई रुपया-पैसा नहीं है। किशोरी के व्यस्क होते ही शादी तय होने पर इन तीन मित्रों ने इस वर्ष इस बच्ची का विवाह कराने का निर्णय लिया।
पारस को यह सामग्री देंगे कन्यादान में : पारस के कन्यादान में उसे फ्रिज, कुलर, मिक्सर, सोफा, अलमारी, सोने के 10 मोती वाला मंगलसूत्र, बर्तन सेट आदि सामग्री दी जाएगी।
700 लोगों का होगा भोजन : गांव खरसौदकलां में 29 अप्रैल को धूमधाम से बारात निकाली जाएगी एवं पूर्ण रीति-रिवाज से विवाह संपन्न होगा। इसके बाद वर-वधू पक्ष के रिश्तेदार सहित गांव के करीब 700 लोगों के भोजन की व्यवस्था रहेगी।
मित्रों ने गत वर्ष कराया था किरण का विवाह
इन मित्रों ने गत वर्ष 05 मई को गांव की ही अजा वर्ग की असहाय युवती किरण का विवाह कराया था। किरण के पिता की गंभीर बीमारी के कारण मृत्यु हो चुकी थी। मां मजदूरी कर जैसे-तैसे घर चला रही थी। किरण का छोटा भाई बहन की शादी के लिए पढ़ाई छोड़ मजदूरी करने लगा। यह बात जब इन मित्रों को पता चली तो इन्होने किरण का विवाह सम्पन्न कराया।
दोस्तों ने नाम बताने से किया इंका
पत्रिका ने विवाह कराने वाले तीन मित्रों के नाम पूछे तो उन्होंने नाम बताने से इंकार करते हुए कहा कि प्रत्येक माता-पिता की मंशा होती है कि उसकी बच्ची का विवाह धूमधाम से हो। बस हम ऐसे परिवार के माता-पिता है। इस विवाह का सौभाग्य हमें मिल रहा है। हम यह सब अपने नाम के लिए नहीं कर रहे है, बल्कि उस परिवार की खुशी के लिए कर रहे हैं। र

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