किसानों की मजबूरी का फायदा नहीं उठा पाएंगे व्यापारी, होगी सख्त कार्रवाई

किसानों को यूरिया व डीएपी के साथ अन्य उर्वरक सामग्री न थमाई जाए

By: Mukesh Malavat

Published: 03 Dec 2019, 08:02 AM IST

आगर-मालवा. उर्वरक विक्रेताओं द्वारा यूरिया तथा डीएपी के साथ-साथ अन्य उर्वरक सामग्री किसानों को बेवजह दिए जाने व यूरिया खाद के मूल्य से अधिक की वसूली किए जाने की शिकायतें मिलने पर सोमवार को उप संचालक कृषि ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश जारी कर कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों को यूरिया व डीएपी के साथ अन्य उर्वरक सामग्री न थमाई जाएं और निर्धारित शुल्क से अधिक न वसूला जाएं। यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलेगी तो संबंधित उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
यूरिया की कमी के चलते इन दिनों किसानों को खासा परेशान होते हुए देखा जा रहा है। गत दिनों हाइवे किनारे एक उर्वरक विक्रेता द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए खुले में दुकान सजा ली थी और मनमाने दाम पर किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए यूरिया की बोरी बेची थी। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आए थे और मौके से संबंधित व्यापारी के कब्जे से 61 बोरी यूरिया की जब्त कर मौका पंचनामा बनाया था। यूरिया एवं डीएपी खुले बाजार के साथ-साथ सहकारी संस्थाओं के माध्यम से भी किसानों को प्रदाय किया जा रहा है। सहकारी संस्थाओं में यूरिया की कमी होने और कुछ गिने-चुने व्यापारियो के पास यूरिया होने से इसकी कालाबाजारी होने की शंका भी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सूत्र बताते हैं कि आगर में कई ऐसे व्यापारी है जिन्होंने भारी मात्रा में यूरिया का स्टॉक कर रखा है और मनमानी कीमत में किसानों को यूरिया थमाया जा रहा है, जबकि एक यूरिया की बोरी की वास्तविक कीमत 266.50 रुपए है। फिर भी 300 से लेकर 400 रुपए तक किसानों से वसूले जा रहे हैं। किसान द्वारा निर्धारित कीमत से अधिक रुपए देने में आनाकानी करने पर उर्वरक विक्रेता द्वारा उसके सामने अन्य उर्वरक सामग्री खरीदने की शर्त रख दी जाती है, जिससे किसानों को काफी परेशानी भी हो रही है। उपसंचालक के इस निर्देश से संभवत: उर्वरक विक्रेताओं की मनमानी पर विराम लगने के आसार बनते हुए दिखाई दे रहे हैं।
266.50 रुपए में ही दें यूरिया : उपसंचालक
उप संचालक आरपी कनेरिया ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी निजी उर्वरक विक्रेता एवं सहकारी संस्था यूरिया, डीएपी के साथ अन्य उर्वरक या कल्चर अथवा अन्य सामग्री का जबरन किसानों को न दे। किसानों को यूरिया निर्धारित दर रुपए 266.50 प्रति बैग की दर से विक्रय करें। निर्धारित दर से अधिक राशि किसानों से न ली जाएं।
पीओएस मशीन का अनिवार्य रूप से किया जाए उपयोग
उप संचालक कृषि ने उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में यूरिया खाद सामान्य प्रक्रिया के तहत् नही बेचा जाएं। संबंधित किसान के आधार कार्ड के आधार पर पीओएस मशीन में उसके बायोमेट्रिक फिंगर लेकर खाद विक्रय किया जाएं। पीओएस मशीन का उपयोग नहीं करने पर तत्काल लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोतवाली भेजा पत्र
30 नवंबर को हाईवे किनारे खुले में मनमाने अंदाज में एक व्यापारी द्वारा किसानों को किए जा रहे खाद विक्रय के मामले में कृषि विभाग तथा राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मौका पंचनामा बनाने के बाद कृषि विभाग ने कोतवाली थाने पर शिकायती पत्र देकर संबंधित व्यापारी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए लिखा है। उपसंचालक ने बताया संबंधित व्यापारी द्वारा अनियमितता की गई है और लायसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया है। वैधानिक विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।

Mukesh Malavat
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