Lok Sabha Elections : उज्जैन-आलोट लोकसभा में इस तारीख से भरे जाएंगे नामांकन फॉर्म, 2 मई को नाम वापसी

मतदाता फोटो वोटर स्लिप को जानकारी मार्गदर्शन के लिए उपयोग किया जा सकता है लेकिन पहचान प्रमाण के रूप में नहीं।

By: Lalit Saxena

Updated: 29 Mar 2019, 12:30 PM IST

उज्जैन. उज्जैन-आलोट संसदीय क्षेत्र में लोकसभा चुनाव की अधिसूचना का प्रकाशन 22 अप्रैल को होगा। नामांकन की अन्तिम तारीख 29 अप्रैल और नामांकन-पत्रों की संवीक्षा 30 अप्रैल को होगी। अभ्यर्थियों से नाम वापस लेने की अन्तिम तारीख 2 मई होगी। मतदान 19 मई को होगा और मतगणना 23 मई को होगी।

आवश्यक दस्तावेज भी निर्धारित किए

आयोग ने मतदान के लिए मतदाताओं की पहचान के लिए आवश्यक दस्तावेज भी निर्धारित किए हैं। इसमें मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लायसेंस, सर्विस पहचान-पत्र (केन्द्र, राज्य, सार्वजनिक उपक्रम एवं पब्लिक लिमिटेड कंपनियां), पासबुक फोटो सहित ( बैंक डाकघर द्वारा जारी), पेनकार्ड, स्मार्टकार्ड (श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी) मनरेगा जॉबकार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्टकार्ड, पेंशन दस्तावेज (सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्यों को जारी) तथा आधार कार्ड। मतदाता फोटो वोटर स्लिप को जानकारी मार्गदर्शन के लिए उपयोग किया जा सकता है लेकिन पहचान प्रमाण के रूप में नहीं।

आचार संहिता का असर, 1 अप्रैल से नहीं लागू होगी नई गाइड लाइन
उज्जैन जिले में 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई गाइड लाइन लोकसभा चुनाव आचार संहिता के चलते अटक गई है। अब अगले दो महीने तक लोग पुरानी गाइड लाइन दरों से ही रजिस्ट्री करवा सकेंगे। नई गाइड लाइन चुनाव खत्म होने के बाद संभवत: 1 जून से लागू हो सकती है। हालांकि इस बार उज्जैन जिल में महज 91 क्षेत्रों में ही गाइड लाइन बढ़ाना प्रस्तावित किया गया था।

संपत्तियों के मूल्य निर्धारित कर दिए थे

जिले में 15 दिन पहले ही जिला मूल्यांकन समिति की बैठक होकर संपत्तियों के मूल्य निर्धारित कर दिए थे। उज्जैन शहर में 51 क्षेत्रों में संपत्तियों के मूल्यों में बढ़ोतरी की गई थी। उम्मीद थी कि 1 अप्रैल से नइ गाइड लाइन लागू हो जाएगी। इस बीच आचार संहिता लगने के कारण उहापोह की स्थिति बन रही थी कि नए वित्तीय वर्ष से गाइड लाइन लागू हो पाएगी या नहीं। अब स्थिति साफ हो गई है। भोपाल से जिला पंजीयकों को जारी निर्देश में 1 अप्रैल से नई गाइड लाइन लागू नहीं होने की सूचना दी गई है। इसके पीछे आचार संहिता लागू होना है। वहीं प्रदेश में कुछ जिलों में जिला मूल्यांकन समिति की बैठक भी नहीं होकर प्रस्ताव भी तैयार नहीं हो पाए। ऐसे में भोपाल में केंद्रीय मूल्यांकन समिति की बैठक भी नहीं हो पाई।

इतने क्षेत्रों में बढ़ेंगी दरें
जिले में 91 क्षेत्रों में गाइड लाइन की दरें बढऩे वाली है। इसमें उज्जैन में 51, बडऩगर में 14, महिदपुर में 16, खाचरौद में 10 है। वहीं तराना और घट्टिया तहसील में दरें नहीं बढ़ेगी। जिन क्षेत्रों में दरें बढा़ई जा रही है वहां पिछले वर्ष में तय गाइड लाइन से ज्यादा में रजिस्ट्री हुई है।

यहां रजिस्ट्री पर रोक
नई गाइड लाइन में इस बार सिंहस्थ क्षेत्र में भी रजिस्ट्री पर रोक लगाने के निर्देश कलेक्टर शशांक मिश्र ने दिए हैं। उन्होंने सिंहस्थ क्षेत्र में छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। विधायक महेश परमार ने भी सिंहस्थ क्षेत्र में भूखंडों की खरीदी-बिक्री रोकने की मांग की थी। इसी के बाद यह कदम उठाया गया है।

1 अप्रैल से नई गाइड लाइन लागू नहीं होगी। इस संबंध में जिला पंजीयकों को भोपाल से निर्देश मिले हैं। अब संभवत: चुनाव खत्म होने के बाद 1 जून से ही दरें लागू होंगी।
- मंजूलता पटेल, वरिष्ठ जिला पंजीयक, पंजीयक कार्यालय

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