अनूठा मामला : इस विभाग को नहीं रही रिटायर करने की याद, अब चुकाने पड़ रहे 6.68 लाख

अनूठा मामला : इस विभाग को नहीं रही रिटायर करने की याद, अब चुकाने पड़ रहे 6.68 लाख

Lalit Saxena | Publish: Sep, 06 2018 09:00:00 AM (IST) Ujjain, Madhya Pradesh, India

तीन साल लिया अतिरिक्त काम, ऑडिट ने पकड़ा मामला, अतिरिक्त काम करने वाले कर्मी के पक्ष आया कोर्ट का फैसला

राहुल कटारिया
उज्जैन. नगर निगम अपने ही एक कर्मी को आयु पूरी करने के बाद भी रिटायर करना भूल गया। कुछ दिन या माह नहीं पूरे तीन साल तक उक्त कर्मी से निगम ने काम लिया और प्रतिमाह वेतन भी आहरित किया। जब ऑडिट ने ये मामला पकड़ा तो अधिकारियों के होश उड़ गए और ताबड़तोड़ कर्मी को सेवानिवृत्त किया गया। इस गलती पर अब स्थापना शाखा के बाबू, अधीक्षक व अन्य जवाबदेहों के वेतन से इस लापरवाही पर ६.६८ लाख रुपए की रिकवरी होगी। उज्जैन निगम का ये मामला अपने आप में अनूठा होकर यहां के पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा करता है।
नगर निगम में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी श्याम पिता चंदूलाल को ६० वर्ष आयु पूर्ण करने पर फरवरी २०१२ में रिटायर करना था, लेकिन निगम स्थापना शाखा की चूक के कारण उक्त कर्मी को अगस्त २०१५ में रिटायर किया गया। वह भी ऑडिट ने मामला पकड़ा तो जिम्मेदारों की आंखें खुली। रिटायरमेंट के दौरान कर्मी के स्वत्व की राशि रोक दी गई थी, लेकिन उसके द्वारा कोर्ट में याचिका लगाई गई, जिस पर कोर्ट ने उसके पक्ष में यह कहते हुए फैसला दिया कि निगम ने काम लिया और वेतन दिया। एेसे में पूरा दोष इनका व्यक्तिगत नहीं। निगम ग्रेच्युटी, पीएफ व अन्य राशि का भुगतान करें। इस पर निगम ने कर्मी को भुगतान किया, पर शाखा संभाल रहे अधीक्षक, बाबू व अन्य जिम्मेदारों पर रिकवरी निकाल दी, जो इनके वेतन में से किस्तों में कटेगी।
लंबी नींद भी ऑडिट ने तोड़ी, अब रिपोर्ट जारी
निगम स्थापना शाखा की लंबी नींद भी ऑडिट विभाग ने तोड़ी। वरना रिटायरमेंट होने तक गलती व अतिरिक्त वेतन देने का पता ही नहीं चलता। हाल ही में ऑडिट रिपोर्ट में ये प्रकरण सामने आया और निगम को हुई आर्थिक क्षति की वसूली के लिए कर्मियों के वेतन से राशि काटने के आदेश हुए। चार स्तर के कर्मियों को इसके लिए समान रूप से जिम्मेदार माना गया।
एक अन्य कर्मी को दो माह देरी से किया
एेसा ही एक मामला चतुर्थ श्रेणी कर्मी आशाबाई पति प्रहलाद के साथ हुआ। हालांकि इस प्रकरण में दो माह में निगम को गलती का एहसास हुआ और रिटायरमेंट दिया गया। इसमें भी दो माह के अतिरिक्त वेतन की रिकवरी लापरवाही कर्मियों से होगी।
शाखा को निर्देश दिए हैं
&ये मामला कुछ साल पहले का है। जब प्रकरण सामने आया तो अतिरिक्त वेतन आहरण की रिकवरी संबंधितों से कराने के आदेश जारी किए थे। आगे से एेसा ना हो इसके लिए स्थापना शाखा के रिकॉर्ड को अपडेट करने व अमले को सचेत रहने के स्थायी निर्देश दिए हैं।
मनोज पाठक, अपर आयुक्त, नगर निगम

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