कुलपति,कुलसचिव की फिल्म अभिनेता से तुुलना

विक्रम विश्वविद्यालय में सिस्टम इंजीनियर को निलंबित कराने के लिए छात्रों ने कुलपति की अनिल कपूर और कुलसचिव की तुलना परेश रावल से कर दी। कार्रवाई के लिए छात्र अड़े रहें। आदेश जारी होने तक कुलपति और कुलसचिव को कमरे में घेरा दिया।

By: Shailesh Vyas

Published: 02 Dec 2019, 09:43 PM IST

उज्जैन. विक्रम विश्वविद्यालय में सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन के बाद फेलोशिप भुगतान के लिए राशि मांगने के प्रकरण में विवि के सिस्टम इंजीनियर और तत्कालीन फेलोशिप नोडल अधिकारी को निलंबित कर दिया है। आदेश की नोटशीट नहीं बनने तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने पहले कुलसचिव और फिर कुलपति को एक कमरे में घेरे रखा।अभाविप कार्यकर्ताओं ने फेलोशिप भुगतान के लिए राशि मांगने के प्रकरण में विवि के सिस्टम इंजीनियर और तत्कालीन फेलोशिप नोडल अधिकारी विष्णु सक्सेना के लिप्त होने का आरोप लगाते हुए निलंबित करने की मांग कर दोपहर १२ बजे प्रदर्शन किया। कुलसचिव डीके बग्गा का घेराव का जमकर नारेबाजी की। कुलसचिव बग्गा ने बताया कि कुलपति अभी राज्यपाल के शहर आगमन और महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विवि के दीक्षांत समारोह के कारण व्यस्त हैं। इस कारण कोई आश्वासन और निर्णय नहीं कर सकते हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्र इस पर सहमत नहीं थे और सक्सेना के निलंबित आदेश को देखने के बाद भी प्रदर्शन खत्म करने के लिए अड़े रहे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने उनसे चर्चा के लिए कक्ष में बैठे कुलसचिव बग्गा, कुलानुशासक शैलेंद्र कुमार शर्मा, छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष आरके अहिरवार और उपकुलसचिव परीक्षा मेघराज निनामा को घेर लिया और वहीं बैठ गए। चारों ने छात्रों को समझाने के काफी प्रयास किए, लेकिन छात्र कुलपति को बुलवाकर सक्सेना को निलंबित करने की मांग पूरी होने से कम पर कुछ भी मानने को तैयार नहीं थे।
प्रक्रिया को बताया पर नहीं माने छात्र
काफी देर तक नारेबाजी के बाद कुलपति बीके शर्मा छात्रों के बीच पहुंचे और बताया कि इस मामले में विवि की समिति जांच कर रही है। पुलिस द्वारा चाही गई जानकारी भेज दी गई है। सक्सेना को फेलोशिप नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। इसके बाद की जो भी कार्रवाई होगी वह नियमानुसार की जाएगी। छात्रों का आरोप था कि इतना सब होने के बाद भी सक्सेना संबंधित शाखा में आ-जा रहे हैं। आपने १३ दिन पहले कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। कुछ समय पहले अनियमितता का एक कथित प्रकरण सामने आने पर तत्कालीन कुलपति एसएस पांडे ने संबंधित कर्मचारी को २४ घंटे के भीतर निलंबित कर दिया था। अब एेसी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। इसमें विवि के अधिकारियों की मिलीभगत है।
एक-दूसरे के पाले में डालते रहे गेंद
प्रदर्शन के दौरान कुलपति और कुलसचिव छात्रों के सामने ही नियमों और अध्यादेश का हवाला देकर कार्रवाई के लिए गेंद एक-दूसरे के पाले में डालते रहे। दोनों के बीच मंत्रणा के बाद कुलपति शर्मा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि नियम और अध्यादेश के अनुसार कुलसचिव की ओर से कोई अनुशंसा आती है तो वे आदेश जारी करने में एक मिनट भी देर नहीं करेंगे। इसके बाद कुलसचिव बग्गा जैसे-तैसे छात्रों के बीच से बाहर निकलकर विवि प्रशासन विभाग में पहुंचे और अपने स्टॉफ के साथ नियम-अध्यादेश का अध्ययन कर कुलपति को भेजे जाने वाली नोटशीट तैयार की। इस पर दोपहर २ बजे के करीब कुलपति ने आदेश जारी किए। इसके बाद छात्रों का प्रदर्शन खत्म हुआ।
प्रदर्शन के दौरान यह भी हुआ
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कुलपति से कहा कि सर आपके आश्वासन को १३ दिन हो चुके हैं। सर आप नायक फिल्म के हीरो अनिल कपूर की तरह आदेश जारी करें। कुलपति ने कहा नियम अनुसार फाइल तो आने दें। छात्रों ने कुलसचिव से मुखातिब होकर कहा लीजिए कुलपति तो अनिल कपूर बनने के लिए तैयार है कुलसचिव जी आप परेश रावल बनकर प्रक्रिया का क्रियान्वयन करें। इस दौरान नारेबाजी के बीच रघुपति राघव राजा राम, अन्य भजन और प्रेरणादायक गीत विवि में गूंजते रहे। कुलपति की गैरमौजूदगी में छात्रों का नारा था कुलसचिव हमारे साथ हैं, कुलपति के खिलाफ हैं। कुछ देर बात यह नारा बदल कर हो गया कुलपति पर विश्वास है, कुलसचिव के खिलाफ हैं। करीब २ घंटे चले प्रदर्शन के बाद आखिरकार विष्णु सक्सेना को निलंबित कर दिया गया।

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Shailesh Vyas Desk
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