scriptWhen will Saptsagar Smart be in Ujjain | उज्जैन में कब होंगे सप्तसागर स्मार्ट | Patrika News

उज्जैन में कब होंगे सप्तसागर स्मार्ट

शहर में विकास की विभिन्न योजना बनी लेकिन सागरों के विकास पर नहीं ध्यान, सप्तसागर अतिक्रमण, अवैध निर्माण और गदंगी से भरे पड़े, कुछ जगह तो कॉलोनी तक कटी

उज्जैन

Updated: April 23, 2022 10:03:23 pm

उज्जैन। स्मार्ट सिटी में करोड़ों रुपए के विकास कार्य की योजना बन रही है लेकिन शहर की धरोहर सप्तसागरों को संवारने पर ध्यान ही नहीं है। रूद्रसागर को छोड़कर अन्य सभी तालाब अनदेखी के शिकार हो रहे है। सागरों में अतिक्रमण, अवैध निर्माण तक होकर गंदगी तक फैली है। जबकि शहरी सीमा में स्थित इन तालाबों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है, जो आमोद-प्रमोद के स्थल के साथ ही प्राचीन धरोहर के रूप में संरक्षित हो सके। बावजूद इसके स्मार्ट सिटी के तहत अब तक इन तालाबों को लेकर कोई योजना अब तक नहीं बन पाई है। हालांकि पिछले दिनों कलेक्टर ने सप्तसागरों की जमीन का सीमाकंन का आदेश दिया था लेकिन इस पर भी काम नहीं हो पाया।

When will Saptsagar Smart be in Ujjain
शहर में विकास की विभिन्न योजना बनी लेकिन सागरों के विकास पर नहीं ध्यान, सप्तसागर अतिक्रमण, अवैध निर्माण और गदंगी से भरे पड़े, कुछ जगह तो कॉलोनी तक कटी

प्राचीन जलसंरचनाएं, भू-जल करते रिचार्ज
पौराणिक महत्व के सप्त सागर शहर की प्राचीन जल संरचनाएं है। यह सागर महज तालाब व पेयजल के लिए ही नहीं बल्की भूजल बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शहर के आसपास व मध्य में होकर पूरे क्षेत्र को पानी से भरपूर रखते है। इन्हीं सागरों में जमा पानी से क्षिप्रा नदी को भी रिचार्ज करते हैं। वर्तमान में भी इन सागरों में से कुछ का पानी सिंचाई तो पेयजल के लिए उपयोग में हो रहा है। अगर इन तालाबों को संवारा जाए तो यह शहर के जलसंकट से उबारने के साथ भू-जल स्तर बढ़ाने में उपयोगी साबित रहेेंगे।

रूद्रसागर तक ही सीमित विकास
सप्त सागरों में सिर्फ रूद्रसागर का ही कायाकल्प किया जा रहा है। महाकाल मंदिर विकास योजना के तहत रूद्र सागर के गहरीकरण के साथ यहां क्षिप्रा का स्वच्छ पानी लाया जाएगा। वहीं इसके पास पाथ-वे, फुटब्रिज सहित पौधरोपण किया जाना है। अगले एक-दो वर्ष में रूद्रसागर नए स्वरूप में दिखाई देगा। रूद्रसागर के विकास जैसी योजना अन्य सागरोंं के लिए भी बनाइ जाने की जरुरत है। जहां इन सागरों का धार्मिक नजरीए से भी विकास किया जा सकता है। यह है सागरों की स्थिति
रूद्रसागर - महाकाल मंदिर के पीछे स्थित रूद्रसागर का वर्तमान में जो स्वरूप है इससे यहीं कहीं बड़ा फैला हुआ था। इसका एक छोर जयसिंहपुरा तक तो बेगमबाग कॉलोनी तक जाता था। बीते सालों में इसकी जमीन पर कब्जा होता गया मकान और रास्ते तक बन गए। वर्तमान में इस महाकाल विकास योजना के तहत संवारे जाने की कवायद की जा रही है।
गोवर्धन सागर- बुधवारिया स्थित गोवर्धन सागर की जमीन सर्वाधिक अतिक्रमण की चपेट में है। यहां करीब तीन बीघा जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी काट दी गई। वर्तमान में यहां पर गुमटिया व अन्य निर्माण कर कब्जा कर रखा है। हाल ही में तालाब की सफाई कर इसे नए रूप देने की कोशिश की है लेकिन विकास की कोई योजना नहीं बन पाई।
क्षीरसागर- शहर के मध्य स्थित क्षीरसागर वर्तमान में कुंड में तब्दील हो गया है । इसके आसपास मकान व अन्य निर्माण हो गए है । वर्तमान में सिंहस्थ के दौरान लगाए गए फव्वारे व अन्य लाइटिंग बंद हो चुकी है। यहां पानी भी बदबू मार रहा हे।
पुष्कर सागर- इंदौर गेट स्थित पुष्कर सागर महज एक कुंड रह गया है। इसके आसपास मकान व अन्य निर्माण हो गए हैं। फिलहाल इसके संवारने की कोई योजना नहीं है।
पुरषोत्तम सागर- इंदिरानगर स्थित पुरषोत्तम सागर को पिछले सालों में अवश्य संवारा गया। यहां पाथ-वे, दुकानें तथा वोटिंग तक प्रारंभ की गई थी। बीते सालों में पाथ-वे खराब हो चुका है। तालाब में बोटिंग बंद होकर उपकरण खराब पड़े हैं। इसे संवारने की योजना बनी थी लेकिन अमल में नहीं आ पाई।
विष्णु सागर- अंकपात स्थित विष्णुसागर का अवश्य विकास किया गया। यहा पॉथ-वे बनाने के साथ बोटिंग की सुविधा शुरू की गई थी। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी यहां सुबह-शाम आते हैं। वर्तमान में रखरखाव के अभाव में अपनी सुंदरता खो रहा है। जबकि यहा लाइटिंग शो, बोटिंग व अन्य सुविधाएं शुरू की जा सकती है।
रत्नाकार सागर- पेयजल व सिंचाई के उपयोग में आ रहा रत्नाकर सागर भी दूदर्शा का शिकार हो रहा है। हाल ही में पंचक्रोशी यात्रा के निरीक्षण में संभागायुक्त संदीप यादव को ग्रामीणों ने खस्ताहाल सागर को सुधारने की मांग की थी। जलसंसाधन विभाग को जांच के निर्देश दिए है। जबकि शहर से दूर इस तालाब को बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

इनका कहना
शहर के लिए सप्तसागर महत्वपूर्ण स्थल है। हमने इनका सर्वे कराया है। स्मार्ट सिटी के एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में यह सागर नहीं आ रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि सीटी प्लान २.० में इसे शामिल करें।
- आशीष पाठक, सीइओ, स्मार्ट सिटी कंपनी लिमिटेड

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

नाम ज्योतिष: ससुराल वालों के लिए बेहद लकी साबित होती हैं इन अक्षर के नाम वाली लड़कियांभारतीय WWE स्टार Veer Mahaan मार खाने के बाद बौखलाए, कहा- 'शेर क्या करेगा किसी को नहीं पता'ज्योतिष अनुसार रोज सुबह इन 5 कार्यों को करने से धन की देवी मां लक्ष्मी होती हैं प्रसन्नइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथअगर ठान लें तो धन कुबेर बन सकते हैं इन नाम के लोग, जानें क्या कहती है ज्योतिषIron and steel market: लोहा इस्पात बाजार में फिर से गिरावट शुरू5 बल्लेबाज जिन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में 1 ओवर में 6 चौके जड़ेनोट गिनने में लगीं कई मशीनें..नोट ढ़ोते-ढ़ोते छूटे पुलिस के पसीने, जानिए कहां मिला नोटों का ढेर

बड़ी खबरें

ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट से मंदिर-मस्जिद के सबूतों का नया अध्याय, एक्सक्लूसिव रिपोर्ट सिर्फ पत्रिका के पास, जानें क्या है इन सर्वे रिपोर्ट में...BOXER Died in Live Match: लाइव मैच में बॉक्सर ने गंवाई जान, देखें वायरल वीडियोBRICS Summit: ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन में शामिल हुए भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर, उठाया आतंकवाद का मुद्दासीएम मान ने अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा-पंजाब में तैनात होंगे 2,000 और सुरक्षाकर्मीIPL 2022 RCB vs GT live Updates: गुजरात ने बेंगलुरु को दिया जीत के लिए 169 रनों का लक्ष्यVirat Kohli की कप्तानी पर दिग्गज भारतीय क्रिकेटर ने उठाए सवाल, कहा-खिलाड़ियों का समर्थन नहीं कियादिल्ली हाई कोर्ट से AAP सरकार को झटका, डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना पर लगाई रोकसुप्रीम कोर्ट का फैसला: रोड रेज केस में Navjot Singh Sidhu को एक साल जेल की सजा, जानें कांग्रेस नेता ने क्या दी प्रतिक्रिया
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.