उफ ये गर्मी ! आखिर क्यों बदल गई मालवा की तासीर...

उज्जैन में सीजन में पहली बार पारा ४० से पार हुआ , सड़कें भी हुई सुनी

By: Gopal Bajpai

Published: 25 Apr 2018, 09:18 PM IST

उज्जैन. किसी प्रकार का वेदर सिस्टम नहीं होने के साथ ही हवाओं का रुख लगातार पश्चिम और उत्तर-पश्चिम होने के कारण गर्मी के तीखे हो गए है। सीजन में पहली बार पारा ४० से पार हुआ है। वैसे अप्रैल खत्म होने को है और पार ३९-४० डिग्री के बीच ही बना हुआ है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार अप्रैल में अधिकत्तर पारा ४२ डिग्री तक पहुंच जाता है। इस बार भी गर्मी के तीखे तेवर बरकरार रहें, मगर ४० से ऊपर नहीं गया। बुधवार को पहली बार इस सीजन का सबस अधिक तापमान 41.५ डिग्री से. रिकार्ड हुआ। सुबह से सूरज ने तमतमाना शुरू कर दिया और धूप में चुभन महसूस होने लगी थी। ४ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली गर्म हवाओं ने सभी को बैचेन कर दिया।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक वातावरण में आद्रता काफी कम होने के कारण मौसम के मिजाज लगातार गर्म बने हुए हैं। हवा में नमी भी नहीं होने के कारण तपन सभी को बैचेन कर रहीं है। अगले दो-तीन दिन तक दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से और इससे अधिक बना रहने के आसार हैं।

अप्रैल में कब-कब ४२ से अधिक तापमान
दिन/वर्ष अधिकतम तापमान

१५ अप्रैल १७ 42.५
३० अप्रैल १६ ४२.५

१९ अप्रैल १५ ४२.०
३० अप्रैल १४ ४२.४

३० अप्रैल १३ ४२.२
२७ अप्रैल ११ ४२.६

१७ अप्रैल १० ४५.२
२९ अप्रैल ०९ ४४.५

२८ अप्रैल ०८ ४२.८
२८ अप्रैल ०७ ४२.८

बीजों को सड़क पर रखकर किसान करेंगे प्रदर्शन

उज्जैन. बीजों को सड़क पर रखकर जिले के किसान विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को प्रदर्शन करेंगे। मंडी उपाध्यक्ष शेरू पटेल ने बताया कि भावांतर योजना में रुके भुगतान, समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी मेंं आ रही समस्याओं और अन्य मांगों को लेकर सुबह ११ बजे कोठी पैलेस पर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रति बीघा १५ क्विंटल तक लहसुन बेच सकेंगे किसान

इधर भावांतर योजना के तहत किसानों द्वारा लहसुन बेचने की सीमा को शासन ने बढ़ाते हुए १५ क्विंटल प्रति बीघा कर दी है। पूर्व में ये सीमा १० क्विंटल प्रति बीघा थी ,जिसको बढ़ाते हुए शासन ने ७५ क्विंटल प्रति हेक्टेयर कर दिया है।

Gopal Bajpai Editorial Incharge
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