आप भी रहे सतर्क... पीएम आवास योजना में हो रही धांधली

विधायक ने कहा- योजना में गरीबों से पैसे लेने वाले अधिकारियों पर करेंगे सख्त कारवाई

बडनगऱ. भारत सरकार की जन कल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना में बडनगऱ नगर पालिका के कुछ अधिकारी व कुछ दलालों ने साठ-गांठ कर शहर की गरीब जनता से अवैध उगाही की गई है। यह आरोप पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रामलाल माली ने लगाए थे। मामले की खबर पत्रिका ने रविवार के अंक में ‘प्रधानमंत्री आवास योजना में हो रही धांधली’ शीर्षक से प्रकाशित की थी। खबर की पुष्टि नगर पालिका की ही उपयंत्री पल्लवी पाल ने अपने बयान में की है कि उज्जैन के सुमित परिहार नाम के व्यक्ति ने नगर पालिका के कुछ लोगोंं के साथ मिलकर एक टीम बना ली थी और वह टीम लोगों के यहा जाती थी और लोगों को भोपाल से अधिकारी बताकर बेवकुफ बनाते हुए उनसे पैसों की मांग करते थे। उनके द्वारा मेरे नाम से भी पैसे लिये गए है। इस बात से योजना में रुपए लेन-देन होना सीधा प्रतीत हो रहा है।
खबर प्रकाशित के बाद मामले में विधायक मुरली मोरवाल ने पत्रिका से चर्चा में बताया कि शहर में करीब 600 लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना में लाभान्वित हुए है। इस योजना में हितग्राही को 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार एवं 40 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार द्वारा दी जाती है। योजना में हितग्राहियों से अधिकारियों द्वारा पैसे लिए जाने का मामला मेरे संज्ञान में आया है, जिसकी जांच कराई जाएगी। योजना में गरीबों से पैसे लेने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम एकता जायसवाल ने पत्रिका को बताया प्रधानमंत्री आवास योजना की पूरी जांच की जाएगी और इसके लिए एक जांच दल गठित किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
यह है पूरा मामला
पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष रामलाल माली ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राही की स्वीकृत राशि को उनके खाते में शासन द्वारा डाली जा रही है, लेकिन नगर पालिका के कुछ अधिकारी व दलालों द्वारा उन गरीब हितग्राहियों से प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि उनके खाते में डालने के नाम पर उनसे अवैध रूप से वसूली की जा रही है। जो इन अधिकारियों एवं दलालों को रिश्वत की राशि नहीं देते हैं उनका प्रधानमंत्री आवास योजना में सिलेक्शन नहीं होता है चाहे वह योजना के शुरुआती दौर में ही फॉर्म भर चुका हो। मामले में प्रधानमंत्री आवास की नोडल अधिकारी पल्लवी पाल ने लेन-देन की बात स्वीकारते हुए उज्जैन से थर्ड पार्टी कंट्रोल ईजीस सुमित परिहार का नाम बताया। उसका कार्य हर स्टेज की किस्त डलने का हितग्राही के मकान का फोटो खींचने का कार्य था, जो शासन की और से अधिकृत है। उस व्यक्ति ने नगर पालिका के कुछ लोगोंं के साथ मिलकर एक टीम बना ली थी और वह टीम लोगों के यहां जाती थी और लोगों को भोपाल से अधिकारी बताकर बेवकुफ बनाते हुए उनसे पैसों की मांग करते थे। उनके द्वारा मेरे नाम से भी पैसे लेने की बात स्वीकार की थी।

Mukesh Malavat
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