अपनो को बीमार छोड़ दूसरों की जान बचाने में जुटे युवा डॉक्टर दंपती

पति की ड्यूटी जिला चिकित्सालय में तो पत्नी की आरडी गार्डी मेडिकल में लगी

By: Mukesh Malavat

Published: 18 Apr 2020, 01:02 AM IST

बडऩग़र (राजेंद्र अग्रवाल). देश कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। इस चुनौती से निपटने के लिए देशभर के डॉक्टर दिन-रात मेहनत कर रहे है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने इन्हें फं्रटलाइन वॉरियर कहा है। ये डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना मरीज के बेहद नजदीक रहकर उनका इलाज करते है। ऐसे ही अपनी जान जोखिम में डालते हुए बडनग़र के युुवा डॉ. दंपती कोरोना संक्रमण के समय उज्जैन जिला चिकित्सालय एवं आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे है।
हम बात कर रहे बडनग़र के युवा डॉ. मधुसुदनसिंह (एमडी मेडीसीन) पिता डॉ. नरेन्द्रसिंह राजावत एवं उनकी पत्नी डॉ. उर्वषी राजावत (एमएस) की। डॉ. मधुसुदनसिंह पीजीएमओ के पद पर उज्जैन जिला चिकित्सालय में स्पेशलिस्ट है एवं पत्नी आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में एमएस गायनीक की स्टूडेंट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे है। डॉ. मधुसुदनसिंह ने पत्रिका से चर्चा में बताया कि पिछले एक माह से कोविड-19 के विरूद्ध एक योद्धा की तरह युद्ध लड़ रहे है। मेरी मां राजकुमारी राजावत एवं बुआ इंदु राजावत (80) का स्वास्थ्य भी खराब रहता है। उसके बावजूद भी एक माह से बडनग़र घर जाकर मां और बुआ से नहीं मिल पाया हूं। वीडियो कॉल के जरीये ही बातचीत होती है और तबीयत पूछ लेता हूं डॉ. मधुसुदनसिंह ने बताया कि वर्तमान समय में रुटीन ड्यूटी के अलावा रात्रिकालीन आनकॉल ड्यूटी, जिसमें कभी-कभी पूरी रात्रि ड््यूटी पर रहना, कोरोना संक्रमित संभावित व्यक्ति को माधवनगर भेजने का निर्णय लेना, हृदय रोग, डायबटीज मरीजों को देखना आदि कार्य कर रहे है। बतौर जिला चिकित्सालय में स्पेशलिस्ट होने के कारण कोरोना मरीज के संपर्क में रहने से जांच भी गई है। जिला चिकित्सालय उज्जैन में पिछले 25 दिनों में कोरोना पॉजिटिव मरीज आए है। डॉ. मधुसुदनसिंह उन कोरोना पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में भी आए है। इस कारण उनकी कोरोना की जांच की गई है एवं रिपोर्ट भेजी गई है।
एक ही शहर में रहते हुए मिलना दुश्वार
डॉ. मधुसुदनसिंह ने बताया कि जिला चिकित्सालय होने के कारण पूरे जिलेे से मरीज आ रहे है। इस कारण दिन-रात कुछ पता ही नहीं चल रहा है। खाना भी समय पर नहीं मिल पाता है। पति-पत्नी उज्जैन में रहते हुए भी दोनों का मिलना दुश्वार है। डॉ. मधुसुदन अपने मकान पर तो डॉ. उर्वषी आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में ही रह रही है, लेकिन यह विपरीत परिस्थितियां भी कोरोना के दोनों ही योद्धाओं का मनोबल कम नहीं कर पाई है, बल्कि पहले से ज्यादा संकल्प शक्ति के साथ कोरोना से युद्ध करने में जुटे हैं।

Mukesh Malavat
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