शिकारियों के फंदे में फंसे चीतल की हुई मौत

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का मामला

उमरिया. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क प्रबंधन एक बार फि र शिकार क ा मामला सुर्खियो में आया है। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार तंदुरुस्त चीतल के मौत की मुख्य वजह पार्क प्रबधन की लापवाही मानी जा रही है उक्त मामला जब प्रकाश में आया कि बांधवगढ के हरदिया कैंप के पास पटपरहा नाला फैंस बाउंड्री के किनारे मादा चीतल का शव मिला और मृतक चीतल के गले मे जी आई तार का फ ंदा लगा हुआ था जिसका मौका मुआयना करने पर साफ तौर पर प्रतीत हुआ कि उक्त मामला शिकार से जुडा हुआ है इतना ही नही जब मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने मौके की सूक्ष्मता से निरीक्षण किया तो पाया कि अन्य जगह भी मोटे जीआई तार के फ ंदे करीब आधा दर्जन जगह पर लगे हुए हैं जिस एरिया में जगह जगह मोटी तार के फ ंदे लगा हुआ पाया गया है उक्त एरिया बाघों के लिए मशहूर माना जा रहा है हो सकता है उक्त फंदे टाइगर के शिकार के लिए लगाया गया हो जिन्हें पार्क प्रबंधन अपने कब्जे में ले रखा है वहीं बांधवगढ प्रबंधन द्वारा शिकारियों के द्वारा लगाए गए फ ंदे में फ ंस शिकार हुए मृत चीतल के घटना को छुपाने की भरपूर कोशिश करते हुए चुपगुप तरीके से मृत चीतल का अग्नि संस्कार दिया गया और मामले को सुर्खियों में आने से पहले ही दबा दिया गया।
काफ ी लंबे से पदस्थ गृह जिले के पदाधिकारियों द्वारा शिकार में सम्मिलित तो नहीं है ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर जांच किया जाना अत्यंत आवश्यक है ।
इनका कहना है
गस्ती में रात में पता चला था, चीतल का पीएम कराकर दाह संस्कार कराया गया था। फ ंदा गले मे लगा था 8.9 महीने पुराना सड़ा गला फ ंदा थाए सागर भेज रहे हैं फ ंदा बाघ के लिए नही था छोटे जानवरो के हिसाब से था वो तो पता नही कैसे फ स गया पहले गाड़ी निकली तो नहीं था जब बाद में गाड़ी निकली तो मिला बाकी जानकारी कल डॉक्टर की रिपोर्ट देखकर बतायेगे।
अनिल शुक्ला, एसडीओ बीटीआर
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चीतल जंगल में हैं तो मारेंगे ही खाएंगे ही गांव के लोग खरगोश के शिकार को फ ंदा लगाए होंगे जिसकी जांच चल रही है
केबी सिंह ठाकुर, रेंजर ताला बांधवगढ

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ayazuddin siddiqui
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