बांधवगढ़: नहीं थम रहा बाघों की मौत का सिलसिला, लॉकडाउन के भीतर दो मौत

वर्चस्व की लड़ाई में बाघ की मौत, शरीर में चोट के निशान

By: ayazuddin siddiqui

Published: 23 Apr 2020, 07:00 AM IST

उमरिया. बांधवगढ़ (Bandhavgarh) टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है। 15 दिन पहले शावक की मौत की जांच चल रही थी कि एक और बाघ की मौत हो गई। बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के पनपथा बफर रेंज अंतर्गत बुधवार की सुबह एक नर बाघ मृत अवस्था में देखा गया। जिसकी सूचना पार्क प्रबंधन को दी गई। बाघ के शरीर में चोट के निशान पाए गए हैं। जिसे देखकर प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि किसी युवा बाघ से वर्चस्व की लड़ाई में बाघ की मौत हुई है। फिलहाल बाघ का पीएम कराते हुए जांच के लिए सेम्पल लिए गए हैं। क्षेत्र संचालक विन्सेंट रहीम के अनुसार, बुधवार की सुबह हाथी गश्ती दल को पनपथा बफर रेंज की मेडरा बीट के कक्ष क्रमांक 488 में एक बाघ दिखा। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर गश्ती दल ने नजदीक जाकर देखा तो बाघ मृत अवस्था में पड़ा था। सूचना मिलते ही क्षेत्र संचालक वीसेंट रहीम, प्रभारी उप संचालक अनिल शुक्ला, परिक्षेत्र अधिकारी नारायण कार्तिकेय व अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। मृत बाघ की उम्र लगभग 10 वर्ष बताई जा रही है। जिसके शरीर पर कई घाव पाए गए हंै। प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि किसी युवा बाघ से वर्चस्व की लड़ाई में बाघ की मौत हुई है। वन्य जीव सहायक शल्यज्ञ डॉ. अभय सेंगर तथा मानपुर के पशु चिकित्सक के द्वारा बाघ के शव का परीक्षण किया गया। एनटीसीए के प्रतिनिधि सत्येन्द्र तिवारी एवं सीएम खरे की उपस्थिति में बाघ का अंतिम संस्कार किया गया।

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