जन्म मृत्यु एवं विवाह पंजीयन : अधिकारी कर्मचारियों को दी गई जानकारी

महाविद्यालय में कार्यशाला का हुआ आयोजन

By: Ramashankar mishra

Published: 01 Mar 2020, 12:23 PM IST

उमरिया. जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय उमरिया द्वारा जन्म मृत्यु एवं विवाह पंजीयन संबंधी एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन रणविजय प्रताप ंिसह महाविद्यालय में हुई। जिसमें सहायक सांख्यिकीय अधिकारी राजीव लोचन पटेल, खण्ड समन्वयक चक्रपाणी त्रिवेदी तथा आशीष मार्को , खण्ड स्तर अन्वेशक एवं रवि शुक्ला द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में ग्रामीण क्षेत्रों के पंजीयन हेतु अधिकृत ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक, नगरीय क्षेत्रों में नगरीय निकाय के शाखा प्रभारी , जनपद कार्यालयों के शाखा प्रभारी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अस्पतालों के शाखा प्रभारी प्रशिक्षण उपस्थित रहें। सहायक सांख्यिकी अधिकारी राजीव लोटन पटेल ने बताया कि जन्म मृत्यु पंजीयन रजिस्ट्रार को घटना घटित होने के स्थान और अपने अधिकार क्षेत्र में ही करना होता है। नगरीय क्षेत्र में 30 दिन के भीतर नगर पालिका एवं नगर पंचायत द्वारा तथा एक माह से एक वर्ष के भीतर जिला योजना अधिकारी की अनुज्ञा से अप्राप्तता प्रमाण पत्र , शपथ पत्र एवं पहचान पत्र के आधार पर किया जाता है। एक वर्ष बाद प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या कार्यपालिक मजिस्ट्रेट या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत कोई अन्य अधिकारी से अनुज्ञा के बाद पंजीयन किया जाता है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म से 30 दिन के भीतर सचिव ग्राम पंचायत द्वारा तथा एक माह से एक वर्ष के भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की अनुज्ञा से अप्राप्तता प्रमाण पत्र , शपथ पत्र एवं पहचान पत्र के आधार पर किया जाता है। एक वर्ष के बाद प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या कार्यपालिक मजिस्ट्रेट या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत कोई अन्य अधिकारी से अनुज्ञा के बाद पंजीयन किया जाता है। 21 दिन से 10 साल तक एक रूपये, दस वर्ष के बाद 20 रुपए शुल्क लिया जाता है। एक समय में जन्म अथवा मृत्यु के प्रमाण पत्रों की पांच प्रतियां दी जा सकती है, किंतु प्रत्येक अतिरिक्त प्रति के लिए पंाच रूपये शुल्क देय होगा। शुल्क की राशि शासन के शीर्ष 1475 सामान्य आर्थिक सेवाएं मे चालान के माध्यम से जमा करना होगा एवं जिला योजना सांख्यिकीय कार्यालय में चालान की एक प्रति जमा करना अनिार्य है। बिना नाम का जन्म पंजीयन धारा 14 के अंतर्गत करने की व्यवस्था आर बी डी एक्ट में दी गई है। यहां यह सावधानी बरतनी चााहिए कि जब तक बच्चें का नाम तय नही हो जाता है तब तक इसे इंन्ट्री न करे। नाम तय होने के बाद उसकी इन्ट्री करने से भविष्य की कठिनाईयो ंसे बचा जा सकता है। इसके लिए 24 माह तक नि:शुल्क तथा 15 वर्ष तक पांच रुपए शुल्क लगता है। जन्म रिकार्ड में नाम एवं सरनेम परिवर्तित करने हेतु रजिस्ट्रार को इस बात से संतुष्ट होना पडेगा कि जन्म रजिस्टर में वास्तविक नाम नही लिखा गया है तथा उक्त प्रवृष्टि अनुचित रूप से की गई थी तो संबंधित पार्टी द्वारा संतोष जनक साक्ष्य प्रस्तुत करने पर मूल नाम के साथ उर्फ लगाकर दूसरा नाम लिखा जा सकता है। विवाह पंजीयन रजिस्ट्रार को विवाह होने के स्थान और अपने अधिकार क्षेत्र में ही करना होता है। ग्राम पंचायत क्षेत्र अंतर्गत विवाह के पंजीयन का अधिकार उस ग्राम पंचायत के उप रजिस्ट्रार को है।

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