बाबा हुजूर के दरबार में हाजिरी लगाकर जायरीनों ने मांगी मुराद

मुहर्रम की दसवीं तारीख पर आशुरा की नमाज अदा कर मांगी दुआ

By: ayazuddin siddiqui

Published: 21 Aug 2021, 11:30 PM IST

उमरिया. हजरत इमाम हुसैन की याद में मातमी पर्व मोहर्रम जिलेभर में मनाया गया। सुबह मस्जिद में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने मुहर्रम की दसवीं तारीख पर आशूरा की नमाज पढ़कर दुआ मांगी। इमामबाड़ा से दोपहर बाद बाबा हुजूर की सवारी निकली। बाबा ने मुरादगाह में जायरीनों को मुराद दी। इस दौरान हिन्दू मुस्लिम संगठनों द्वारा शरबत, जूस व लंगर का वितरण किया गया। इमामबाड़ा में पहले फातिहा पढ़ा गया। नगरभर में बनाई गई ताजियों को यहां शामिल किया गया। इस दौरान ताजियादार व बाहरी जायरीनो ने इमामबाड़ा में बाबा के दरबार में हाजरी लगाई और मुराद मांगी। शाम को पांच बजे बाबा हुजूर की सवारी नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान हुई। बाबा हुजूर की सवारी इमामबाड़े से उठकर मुरादगाह पहुंची, वहां जायरीनों को मुराद देने के बाद बाबा हुजूर की सवारी गांधी चौक होते हुए मस्जिद पहुंची, जहां से खलेसर होते हुए कर्बला घाट में ठण्डी हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। सवारी के पीछे सभी ताजियां रवाना की गईं। गांधी चौक होते शाम जुलूस के पीछे करबला शरीफ में ठण्डी की गई।
शहादत की रात जुटे लोग
मोहर्रम के एक दिन पूर्व मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा शहादत की रात मनाई गई। इस दौरान इमामबाड़ा में बाबा के दरबार में लोग हाजिरी लगाने पहुंचे। रात को जुलूस अपने निर्धारित कार्यक्रम अनुसार अखाड़ों व मस्जिदों में पहुंचा। सुरक्षा को लेकर प्रमुख चौक चौराहों के आसपास विशेष पुलिस टीम तैनात की गई थी। इस अवसर पर थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी अपने स्टाफ के साथ नगर मे शांति व्यवस्था का निरंतर जायजा लेते रहे।
दसवें दिन भी शेरों ने लगाई हाजिरी
मोहर्रम के आखिरी दिन स्थानीय इमामबाड़े में दसवें दिन भी शेरो ने हाजिरी लगाई। इसके बाद नगर भ्रमण किया बाबा हुजूर की सवारी उठने के पहले शेर ठण्डें हो गए।

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