सुविधाघरों में गंदगी, नहीं होती सफाई

स्टेशन में नहीं लगा वाटर कूलर

By: shivmangal singh

Published: 24 May 2018, 05:52 PM IST

उमरिया. नगर को स्वच्छ करने का बीड़ा उठाने वाली नगरपालिका इन दिनों मूलभुत सुविधाओं से वंचित हो चला है। यहां पर पदस्थ कर्मचारियों को शौच के लिये काम्पलेक्स व पीने के लिये पानी के लिये स्थानीय पेट्रोल पंप या फिर न्यायालय के वाटर कूलर का मुंह देखना पड़ता है। उसका सबसे बड़ा कारण यह है कि करोड़ो का नपा में हुआ खरीदी जो कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी हुई है उसमें घटिया सामानों को अधिक कीमतों में खरीदकर रखा गया है। जो कि आज काम करना बंद कर दिए हैं। उदाहरण स्वरुप नपा में रखा वाटर कूलर जिसका काम पानी को फिल्टर कर ठंडा करना है, इसके बाद यह पानी पीने योग्य हो जाता है। लेकिन हांथी का दांत बना वाटर कूलर सामने रखा हुआ है। जिसमें फायर ब्रिगेड के माध्यम से बनी टंकी में पानी डाला जाता है, इसके बाद वहीं पानी सीधे कर्मचारियों को पीने के लिये मिलता है। इस वाटर कूलर से निकलने वाला पानी न तो पूरी तरह फिल्टर हो पाता है और न ही ठंडा। भीषण गर्मी में नपा के कर्मचारी ठंडा पानी पीने के लिये सामने बने पेट्रोल पम्प के वाटर कूलर से पानी मंगाकर पीने को मजबूर हैं। ऐसा ही हाल कुछ परिसर में बने शौचालय है जहां पर शौच के लिये न तो पानी है, न ही पर्याप्त मात्रा में साफ सफाई। साथ ही टूटे हुये दरवाजे जिसके चलते कर्मचारियों को शौच के लिये काम्पलेक्स तक जाना पड़ता है। सवाल यह उठता है कि नगर को स्वच्छ, सुन्दर बनाने का सपना देखने वाली नगरपालिका अपने परिसर को ही स्वच्छ सुंदर और पीने का पानी नहीं दे सकती तो ऐसे में नगर को कैसे सवार सकती है।
इनका कहना है
मुझे आज सुबह ही पीने के लिये पानी मिला है, यह मुझे नहीं मालूम की यह पानी कहां से आया, फिरहाल मै जाकर देखती हूं जल्द ही कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास करुंगी।
हेेमश्वरी पटले, सीएमओ नपा उमरिया

उमरिया. स्टेशन में वाटर कूलर की व्यवस्था नहीं किए जाने से यात्री गर्म पानी पीने को मजबूर हैं। दोपहर के समय ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को नलों का गर्म पानी पीना पड़ता है। बताया गया कि यहां प्लेटफार्म नंबर एक में गत वर्ष तक वाटर कूलर की व्यवस्था रहती थी और केन्टीन के पास लगे नल ठंडा पानी देते थे। लेकिन रेलवे ने इस बार अभी तक वाटर कूलर की व्यवस्था नही की है। यहां आने-जाने वाले मुसाफिर बताते हैं कि नलों का पानी दोपहर इतना गर्म रहता है कि मानो उबल रहा हो। कई बार यात्री बिना पानी लिए ही चले जाते हैं।

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