scriptDo not scold innocent children if they become unwell, take them to a h | मासूम बच्चों की तबियत खराब होने पर दागें नहीं, स्वास्थ्य केन्द्र ले जाकर कराएं इलाज | Patrika News

मासूम बच्चों की तबियत खराब होने पर दागें नहीं, स्वास्थ्य केन्द्र ले जाकर कराएं इलाज

locationउमरियाPublished: Feb 12, 2024 04:05:20 pm

Submitted by:

ayazuddin siddiqui

दागना कुप्रथा के दुष्प्रभावों के बारे में दी ग्रामीणों को जानकारी

Do not scold innocent children if they become unwell, take them to a health center and get them treated
Do not scold innocent children if they become unwell, take them to a health center and get them treated

परियोजना अधिकारी पाली मोनिका सिन्हा एवं पर्यवेक्षक मुदरिया किरण साहू द्वारा ग्राम कुरावर में दागना कुप्रथा के दुष्प्रभावों से ग्रामीणो को अवगत कराया गया। इस दौरान बताया गया कि छोटे बच्चे जिनकी आयु 0 -5 वर्ष है, उन्हें पेट फूलने, सांस चढऩे, ठंड लगने, बुखार आने पर दागे नहीं बल्कि उनका उपचार नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में करवाएं। बच्चों को जन्म उपरांत उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, एएनएम के सम्पर्क में रहें।

उन्होंने बताया कि बच्चों को दागने से उन्हें तकलीफ होती है और स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। गांव गांव स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं, जहां हर मर्ज की दवाई भी उपलब्ध है, इसलिए आवश्यक है कि बच्चों के बीमार होने पर उन्हें दागे नहीं बल्कि उनका उपचार कराएं। कभी कभी दागने से बच्चे की मौत तक हो जाती है। दागने पर बाल संरक्षण अधिनियम के तहत एक लाख रुपये तक का जुर्माना एवं दो साल तक की सजा का प्रावधान है। कार्यक्रम में पंच ममता सिंह, शिक्षक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

ट्रेंडिंग वीडियो