गरबा एवं चल समारोह की नहीं होगी अनुमति

जिले में धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी

By: ayazuddin siddiqui

Published: 25 Oct 2020, 06:58 PM IST

उमरिया. म.प्र. शासन गृह विभाग मत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के पत्र एवं भारत सरकार गृह मंत्रालय के आदेश के अनुक्रम में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजीव श्रीवास्तव ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 10(2(1) एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत निम्नानुसार आदेश जारी किया है।
जारी आदेश में मूर्ति विसर्जन संबंधित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा मूर्ति को विसर्जन स्थल पर जाने लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को पृथक से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। जिला प्रशासन द्वारा विसर्जन के लिए अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा ताकि विसर्जन स्थल पर कम भीड हो। कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक, सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह भी अनुमति नहीं होगी, और गरबा के आयोजन भी नहीं हो सकेंगे। लाउड स्पीकर के उपयोग के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन करना अनिवार्य होगा। रावण दहन के पूर्व परम्परागत श्रीराम के चल समारोह प्रतीकात्मक रूप में अनुमत्य होगा। रामलीला तथा रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त पर आयोजन समिति द्वारा कलेक्टर की पुर्वानुमति प्राप्त कर आयोजित किये जा सकेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर कोविड संक्रमण से बचाव के तारतम्य में झाकियों, पंडालों, विसर्जन के आयोजनों, रामलीला तथा रावण दहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में श्रद्धालु दर्शन फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनेटाइजर के प्रयोग के साथ ही राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिक्षित किया जाना होगा। सामाजिक शैक्षणिक खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनैतिक कार्यक्रम केवल कंटेनमेंट जोन के बाहर ही आयोजित किये जा सकेंगे। ऐसे आयोजनों में 100 व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति संबंधित तहसीलदार एवं एसडीएम दे सकेगे तथा उससे अधिक व्यक्तियों के सम्मिलित होने के लिये कलेक्टर की पूर्व अनुमति प्राप्त करनी होगी।
बंद स्थानों पर हाल की क्षमता के 50 प्रतिशत तक व्यक्तियों को अनुमति दी जा सकेगी, परन्तु इसकी अधिकतम सीमा 200 व्यक्तियों की होगी। फेस मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना, थर्मल स्क्रेनिंग तथा हैण्डवास , सेनेटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। खुले स्थानों पर मैदान के आकार और उपलब्ध स्थान को दृष्टिगत रखते हुए फेस मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन, कोरोना, धर्म स्क्रीनिंग तथा हैण्डवास सेनेटाइजर का उपयोग करने के साथ क्षमता अनुसार अनुमति दी जा सकेगी।
लॉकडाउन उपायों एवं कोविड-19 प्रबंधन के लिये राष्ट्रीय निर्देशों का उल्लंघन करने की दशा में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188,269,270, 271 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51, 53, 56, 57, 59, 60 तथा शासन के अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत दण्डनीय होगा।

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