पीएम आवास की राह देख रहे ग्रामीण, आदिवासी अंचलों में सिर्फ दस फीसदी को मिली छत

सरपंच-सचिव की मनमानी से ग्रामीण परेशान

By: ayazuddin siddiqui

Published: 22 Mar 2020, 10:00 AM IST

उमरिया. शासन प्रशासन गांव को शहरों की भांति विकास के मॉडल में आगे बढ़ाने के लिए योजनाएं तो बनाई जा रही है लेकिन उनका सही लाभ वास्तविक लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा। कुछ ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत बड़ेखरा -16 का प्रकाश में आया है। यहां आदिवासी बाहुल्य 3250 की आबादी में 10 फीसदी लोगों को आवास व सुविधाघर का लाभ मिल पाया है। दोनो महत्वपूर्ण योजनाएं केवल सरपंच, सचिव के चेहेतो तक सिमट कर रह गईं है। आज भी गांव में पांच सौ से अधिक निर्धन पात्र परिवार इनका लाभ पाने कतार में हैं। बता दें कि जिला मुख्यालय उमरिया से तकरीबन 45 किमी. दूर बडख़ेरा पंचायत-16 बसी हुई है। पंचायत अंतर्गत तीन गांव ताला, भलवार तथा बडख़ेरा इसके पोषक गांव है। इनमे कुल 3250 जनसंख्या निवासरत है। पिछले दो साल में लक्ष्य के मुकाबले वर्ष 2018-19 में 34 आवास में कार्य प्रारंभ हुआ। इस वर्ष 2020 में 38 निर्माणाधीन है। अभी तक पांच पूर्ण हुए हैं। इसी तरह शौचालय में गत वर्ष 2018 में 50 से भी कम बने। इस बार 23 में काम चालू बताया जा रहा है। पंचायत में ज्यादातर बैगा व गोंड समाज के लोग निवासरत हैं। यह लोग किसानी व मेहनत मजदूरी कर अपना जीविकोपार्जन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है दोनों योजनाओं में पंचायत स्तर से व्यापक गड़बड़ी की जाती है। सचिव ने अपने रिश्तेदारों को ही निर्माण की जिम्मेदारी दे दी है। सभी मिल बांटकर उन्हीं को लाभ दिलाते हैं जिनसे इन्हें लाभ मिलना होता है। यही नहीं हाल ही में इन्हें तकरीबन 30 सुविधाघर निर्माण का लक्ष्य मिला था। जिसमें व्यापक अनियमितता करते हुए सुविधाघर के नाम पर केवल कमोट सीट बिठाकर दरवाजा लगा दिया गया है। फिर फोटों खींचकर जियो टैग तक कर दिया गया है। जबकि हकीकत यह है मौके पर ऐसे कई हितग्राही हैं जिनके घर में आज तक गड्ढे नहीं हो पाए हैं। वे लोग इनका उपयोग ही नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में पंचायत का कहना है वे अभी निर्माणाधीन स्तर पर हैं।
इनका कहना है
सालभर में अभी तक दो से तीन बार खाता नंबर मांगकर ले गए। फोटो भी खींच ले गए। खाते में सुविधाघर निर्माण की राशि नहीं आई। हमने घर की पूंजी लगाकर मजदूरों का भुगतान किया है।
रेखाबाई, गृहणी
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आवास व शौचालय का कार्य प्राप्त निर्देशों के तहत ही किया जा रहा है। वर्तमान में कई हितग्राहियों का काम जारी है। जल्द ही अन्य शेष को भी इनका लाभ दिलाएंगे।
मान सिंह , सचिव बडखेरा-16
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सूची में नाम आने के बाद भी मुझे आवास नहीं मिला। झोपड़ी में गुजर बसर हो रहा है जो लोग आर्थिक संपन्न है, रुपए देकर योजना का लाभ ले चुके हैं। हम गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं।
नरेश चौधरी, ग्रामीण

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