हाथियों के आकार, प्रकार के साथ दी गई वैज्ञानिक व व्यवहारिक जानकारी

जंगली हाथियों के प्रबंधन पर हुई तीन दिवसीय कार्यशाला

By: Ramashankar mishra

Published: 07 Jul 2019, 12:26 PM IST

उमरिया. शहडोल रीवा जबलपुर संभाग में जंगली हाथियों के प्रवेश से वन विभाग के समक्ष नई प्रबंधन चुनौती उभरी है मध्यप्रदेश शासन वन विभाग वन्य प्राणी शाखा द्वारा जंगली हाथियों के प्रबंधन में प्रशिक्षण हेतु बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ताला में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सीधी कटनी शहडोल अनूपपुर उमरिया कटनी के विभागीय अधिकारी कर्मचारी अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा वन्य प्राणी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यशाला में प्रशिक्षण हेतु पश्चिम बंगाल का प्रशिक्षण दल मुख्य वन्य प्राणी अभी रक्षक सिन्हा तथा सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्यास के नेतृत्व में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में हाथियों के आकार, प्रकार तथा वैज्ञानिक जानकारियों के साथ उसका स्वभाव खानपान विचरण तथा अन्य वैज्ञानिक तथा व्यवहारिक जानकारियों से भी सभी को अवगत कराया गया। ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल में हाथी मानव द्वंद से सबसे ज्यादा जनहानि इसी राज्य में होती है। शहडोल वन वृत्त में हाथियों की उपस्थिति बाबत विस्तृत प्रस्तुतिकरण तथा सीधी क्षेत्र से हाथियों की सुरक्षा हेतु प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रशिक्षण में मानव हाथी द्वंद को कम करने के प्रायोगिक तरीकों को बताया गया। ग्रामीणों में जागरूकता तथा सहयोग हेतु उपयोग किए जा रहे सिद्धांतों के बारे में जानकारी दी गई । प्रशिक्षण में क्षेत्रीय कर्मचारी अधिकारियों को जंगली हाथियों के प्रबंधन में सहयोग प्राप्त होगा। प्रशिक्षण में प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी भोपाल डॉक्टर यू प्रकाशम पश्चिम बंगाल के प्रमुख मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी सिन्हा तथा डॉ एके जोशी मुख्य वन संरक्षक शहडोल उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का संचालन एके शुक्ला उपसंचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ने किया।

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