शिपिंग कॉरपोरेशन में नौकरी लगाने के नाम पर ऐंठ रहा था रुपए,

लखनऊ से गिरफ्तार, उमरिया पुलिस ने की कार्रवाई

By: ayazuddin siddiqui

Published: 24 Apr 2019, 09:15 AM IST

उमरिया. अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टर माइंड धनन्जय पिता रामयज्ञ पांडेय उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम गोंडा थाना स्वामी नारायण छपिया को कोतवाली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित अर्श होटल के सामने से गिरफ्तार किया है, उक्त घटनाक्रम की जानकारी देते हुवे पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया कि कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम तमन्नारा निवासी अजय पिता राजकुमार यादव उम्र 21 वर्ष की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्र 163/19 धारा 420, 467,468, 470 ताहि एवम 67 आईटी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार कर सोमवार को सम्मानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, आरोपी की जानकारी देते हुवे उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी धनन्जय शिपिंग कारपोरेशन सिंगापुर में पदस्त रहा है,जिस वजह से कम्पनी में जोइनिंग के सम्बंध में सभी जानकारियां थी, इन्ही जानकारियों के आधार पर फरियादी के साथ आरोपी ने धोखाधड़ी की है,शिकायत के आधार पर गिरफ्तारी सम्भव हो पाई है। अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना धनंजय की गिरफ्तारी में मुख्य रूप से थाना प्रभारी राकेश उइके, कोमल दीवान, अंजनी मिश्र, जितेंद्र सिंह, गणेश्वर सिंह एवम सायबर सेल से क्लेमेंट जान, राजेश सोंधिया, राहुल विश्वकर्मा की भूमिका उल्लेखनीय रही है।
नेटवर्किंग के जरिये लिया था पैसा
इस पूरे मामले में खुलासे के रूप में जो बातें सामने आई है,वो यह कि आरोपी नेटवर्किंग के जरिये कम्पनी का पूरा बॉयोडाटा,एडमिट फॉर्म सहित दूसरे कूटरचित दस्तावेज फरियादी को मुहैय्या कराया था, जिसके बाद राशि का हस्तांतरण अपने बैंक खाते में कराया था, राशि आते ही फरियादी के साथ सभी सम्बन्ध खत्म कर लिए थे।दरअसल आरोपी शिप कारपोरेशन में कार्य किया हुवा था,जिस वजह से सम्बंधित कम्पनी में नौकरी की सारी प्रोसेस उसे पता थी, जिसके बाद आरोपी फरियादी के साथ फ्रॉड किया है।इस मामले में पुलिस की माने तो कंप्यूटर, लैपटॉप आदि मामले में प्रयुक्त सामग्री पुलिस ने अभी जप्त नही की है। इसके अलावा आरोपी के साथ इस पूरे घटनाक्रम में साथ देने वाला राजस्थान निवासी दूसरा आरोपी भी फिलहाल पुलिस पकड़ से दूर है,हालांकि पुलिस दूसरे आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की बात तो कह रही है पर गिरफ्तारी कब और कैसे होगी इस बाबत कोई भी आधिकारिक जानकारी नही दी गयी है।इस मामले में पुलिस जांच का यह भी हिस्सा होना जरूरी है कि सरगना इस मामले के अलावा और भी कितने मामलों में नौजवानों को नोकरी का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठे है।

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