फोन आया था, बोले थे यहां खाने को कुछ नहीं है, कर्ज लेकर भेजा था पति को पैसा

गांव से पैसा भेजने के बाद भी ठेकेदार ने रख लिया था पैसे, हर मजदूरों से पांच-पांच सौ की किया था कटौती

By: ayazuddin siddiqui

Updated: 10 May 2020, 06:09 PM IST

उमरिया. औरंगाबाद रेल हादसे में मारे गए उमरिया के पांच मजदूर लगातार परिजनों के संपर्क में थे। ममान के रहने वाले मजदूर बृजेन्द्र ने कुछ दिन पहले ही पत्नी को फोन किया था। बताया था लॉकडाउन के बाद खाने के लिए लाले हैं। यहां पर खाने के लिए कुछ नहीं बचा है। दो लॉकडाउन इंतजार किया लेकिन तीसरे लॉकडाउन के बाद आने के लिए भी पैसे नहीं हैं। बृजेन्द्र की पत्नी पुष्पा ने स्वसहायता समूह से कर्ज लेकर अपने पति को भेजा था। मृतक बृजेन्द्र सिंह की पत्नी पुष्पा सिंह ने जालना की फैक्ट्री के ठेकेदार पर कई आरोप लगाए हैं । पत्नी के अनुसार, पति ने फोन पर यह बताया था कि ठेकेदार ने गेट बंद करके रखा है। कहता है कि जितना पैसा था, उतना रहने और खाने में खर्च हो गया है। इसके अलावा न तो वापस घर आने दे रहा है और न ही साधन उपलब्ध करा रहा है। मजदूर वहां ठहरना भी चाहते थे लेकिन ठेकेदार मजदूरी ही नहीं दे रहा था। पत्नी को उसने बताया था कि कि उनके पास बिलकुल पैसे नहीं थे इसलिए उन्होंने दोनों भाइयों के अकाउंट में यहां से एक-एक हजार रुपये अकाउंट में भेजे थे। मजदूरों ने बताया कि पैसा भी ठेकेदार और दूसरे लोगों के खाते में मंगाए थे। यहां पर ठेकेदार ने पांच - पांच सौ रुपए ले लिए थे। मजदूरी मांगने पर कहता था कि एक माह बिना काम के यहां पर रहे हो और खाना खाए हो इसलिए मजदूरी नहीं मिलेगी। यहां से भेजा पैसा भी काट लिया था।

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