सज गया जगत जननी का दरबार, पण्डालो में होगी मां दुर्गा की स्थापना

शारदेय नवरात्र प्रारंभ

By: ayazuddin siddiqui

Published: 17 Oct 2020, 05:56 PM IST

उमरिया. शारदीय नवरात्रि शनिवार से प्रारंभ हो रही है। देवी मां के आगमन की समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी मां के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाएगी। शनिवार को प्रतिपदा तिथि पर कलश स्थापना की जाएगी और फिर नौ दिनों तक आरती, मंत्रोचार और व्रत रखकर मातरानी की पूजा अर्चना की जाएगी। प्रथम दिन माता शैलपुत्री की विधिवत पूजा अर्चना की जाएगी। नगर स्थित ज्वालामुखी धाम मंदिर, शारदा मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरो में भक्त माता के दर्शन करने पहुंचेगे। इसी तरह बिरसिंहपुर पाली स्थित मंा विरासिनी धाम, नौरोजाबाद स्थित उंचेहरा धाम, चंदिया स्थित मां चंडिका मंदिर मे भी भक्त दर्शन करने पहुचेगे। नवरात्र के दिनो में किन सावधानियों को बरतना है इसके संबंध में प्रदेश शासन द्वारा दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें मंदिर प्रांगण अथवा हॉल कितना भी बड़ा क्यों न हो, एक समय में वहां 200 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होगे। इसी तरह छोटे स्थानों पर उतने ही व्यक्ति एक बार में एकत्रित हों जिससे एक-दूसरे के बीच पर्याप्त दूरी बनाकर रखना होगा। मंदिरों में दर्शन के लिए लगने वाली लाइनों में एक-दूसरे श्रद्धालु के बीच पर्याप्त अंतर हो, यह मंदिर प्रबंध समितियां तथा व्यवस्थापक करें।
पण्डालों में साज सज्जा
कोरोना संक्रमण को देखते हुए शासन द्वारा शारदीय नवरात्र में दुर्गा समितियों ने जारी निर्देंशों के अनुरूप पण्डालों का निर्माण किया गया है। वहीं मूर्तियों की उंचाई की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। 17 अक्टूबर को नगर के विभिन्न स्थानों पर मां जगत जननी की प्रतिमाएं पण्डालो में स्थापित की जाएगी। समितियों ने माता के आगमन के लिए उनका दरबार तैयार कर लिया है। नगर के विभिन्न स्थानों पर विभिन्न मुद्राओ में माता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
नियमों का करें पालन
कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव नेकोरोना वायरस की रोकथाम के लिये जिले के नागरिकों से नवरात्रि सहित आने वाले सभी त्यौहारों को अपने घरों में ही मनाने कहा है। उन्होने कहा है कि कोरोना वायरस के सक्रमण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी का पूर्णत: पालन करना सभी का दायित्व है। सार्वजनिक स्थलों पर शारीरिक दूरी बनाये रखने, मास्क लगाने और हाथों को सेनेटाइज करते रहने के नियम का प्रयोग अवश्य करें। अभी भी इस बीमारी का प्रकोप कुछ कम जरूर हुआ है लेकिन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। त्यौहारों के उत्साह में इस महामारी से बचाव के समस्त उपायों एवं उपचारों की उपेक्षा कदापि नहीं होनी चाहिए। किसी प्रकार के जुलूस, जलसे, अनावश्यक भीड़ की स्थिति कहीं न हो वर्तमान में यह सावधानी और सतर्कता सभी को बरतना बहुत आवश्यक है।

Show More
ayazuddin siddiqui
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned