पौधा सूखा तो होगी अनुशासनात्मक अधिकारियों पर कार्रवाई

सरकार द्वारा एक पौधों पर 1600 रूपये राशि खर्च की जा रही

By: Rajkumar yadav

Published: 10 Feb 2018, 11:13 AM IST

उमरिया. जिला पंचायत सभागार में जिले के समस्त नोडल अधिकारियों की बैठक में अधिकारियों से कहा गया है कि ग्राम पंचायतों में हुए पौधारोपण की सतत मानीटरिंग करे। यदि पौध सूखे तो सरपंच, सचिव, पौध रक्षक को दोषी मानते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। पौधे की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाए। उन्होने बताया कि सरकार द्वारा एक पौधों पर 1600 रूपये राशि खर्च की जा रही है। माह अप्रैल, मई, जून के महीनो में सुरक्षा नही होने की वजह से पौधों को जानवर नष्ट कर देते है , इसलिए आवश्यक है कि उनकी सतत देखभाल करे। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, वृक्षारोपण, सौभाग्य योजना, उज्जवला योजना आदि के संबंध में जानकारी ली गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर नवीत कुमार धुर्वे, जिला खनिज अधिकारी आर के पाण्डेय, जिला प्रबंधक लोक सेवा शुभांगी मित्तल, ई गर्वनेस मैनेंजर अरविंद रघुवंशी, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन मनीषा काण्ड्रा, परियोजना अधिकारी रीतेश दुबे सहित नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर माल सिंह ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि 15 अगस्त तक ग्रामीण अंचलो में आवास पूर्ण कराए। इस कार्य मे गति लाएं और सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर कार्य को पूर्ण करे। उन्होने कहा कि बैठक में कलेक्टर ने बताया कि नोडल अधिकारी ग्राम पंचायत से बैगा परिवारों की सूची अद्यतन कर ग्रामीण अंचल में निवास बैगाओं से संपर्क करे और प्रत्येक घर की एक बैगा महिला का नाम, खाता नंबर एवं आईएफसी कोड प्राप्त करें। उन्हे शासन द्वारा 1000 रूपये दिया जाएगा। उन्होने कहा कि यदि कोई सूची से छूट रहा है तो उनका नाम सूची में शामिल करना सुनिश्चित करे। बैठक में कलेक्टर माल सिंह ने नोडल अधिकारियों से कहा है कि सौभाग्य योजना के तहत नि:शुल्क बिजली का कनेक्शन दिया जाना है। इस हेतु एमपीईबी के साथ मिलकर इस कार्य को प्राथमिकता के साथ करे। उन्होने कहा कि जिन घरों में विद्युत कनेक्शन नही है। उन्हे अप्रैल माह तक बिजली का कनेक्शन का प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह उज्जवला योजना के तहत गैस वितरण के संबंध में आवश्यक जानकारी बैठक के दौरान दी गई। कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों से कहा कि सभी में कुछ न कुछ प्रतिभाएं छुपी है। जरूरत है उसे बाहर निकालने की। नोडल अधिकारी 15 दिवस में ग्राम पंचायतों में जाकर ग्रामीणों से चर्चा करें और ग्राम में कुछ नया करने का प्लान बनाये। उन्होने कहा कि एक साल के अंदर ग्राम पंचायतों में एक पंचायत, आंगनबाड़ी केंद्र को आदर्श बनाये। पंचायतों में टायलेट, पुताई, रनिंग वाटर की व्यवस्था सुनिश्चित करें। अच्छा कार्य करने वाले नोडल अधिकारियों को 15 अगस्त कों सम्मानित किया जायेगा। उन्होने कहा कि कार्य करने मे किसी भी प्रकार की परेशानी आती है तो उसकी सूचना कलेक्टर को दें जिसका समय सीमा में निराकरण भी किया जाएगा। नोडल अधिकारी साकारात्मक सोच के साथ कार्य करेंगे तो निश्चित रूप से कार्य में गति आयेगी।

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