तीर्थ के बहाने दो दर्जन बुजुर्गों से धोखाधड़ी

स्पेशल ट्रेन से ले जाने एजेंट ने दिया था प्रलोभन

By: ayazuddin siddiqui

Updated: 06 Jan 2020, 06:25 PM IST

उमरिया. शनिवार की देर रात रेलवे स्टेशन में दो दर्जन से अधिक मानपुर क्षेत्र के बुजुर्ग महिला पुरुष किसी एजेंट के कहने पर स्पेशल ट्रेन से गंगा सागर तीर्थ दर्शन रवानगी के लिए पहुंचे हुए थे। सामाजिक कार्यकर्ताओं और रेलवे पुलिस की सतर्कता से उन्हें स्टेशन में ही रोक लिया गया और उन्हें अपने घर पहुंचाया गया।
दर्शनार्थियों की माने तो संबंधित एजेंट उन्हें बिना टिकट मैहर बुला रहा था,और स्पेशल ट्रेन से तीर्थ ले जाने की बात कह रहा था। इस पूरे सफर के लिए उनसे एक हजार की राशि भी ली गयी थी। जानकारी के बाद रेलवे पुलिस जब संबंधित एजेंट से बात करनें का प्रयास किया तो उसका फोन बंद मिला। जिसके बाद तीर्थ यात्रियों को स्टेशन में ही रोक कर सुबह मानपुर स्थित घर जाने की समझाइश दी गई। इस बीच रेलवे पुलिस ने ड्यूटी स्टेशन मास्टर अनुज श्रीवास्तव से कोई भी स्पेशल ट्रेन न होने की पुष्टि कर ली। इस पूरे मामले में रेलवे पुलिस ने जिस तत्परता से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया वह काबिले तारीफ है। जिस ढंग से यह पूरा मामला प्रकाश में आया है वह पूरी तरह ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़ा मामला नजर आ रहा है। हालांकि दर्शनार्थियों ने इस बाबत कोई भी शिकायत नहीं की जिस वजह से यह पूरा मामला फिलहाल पुलिस जांच से दूर रहा।
कानून के शिकंजे में नही फंसा एजेंट
इस मामले में अज्ञात एजेंट का मोबाइल फोन ऑन था,और वह बराबर बात कर रहा था,परन्तु जैसे ही उसे कुछ गड़बड़ होने की आशंका हुई,वैसे ही मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया। शारीरिक शोषण, देह व्यापार सहित बंधुवा मजदूरी को लेकर ह्यूमन ट्रैफिकिंग की जाती रही है। जिले में भी ह्यूमन ट्रैफिकिंग से जुड़े कई मामले सामने आए है। मानव तस्करी से जुड़े लोग गांवों में अपने एजेंट छोड़ते है,जो गरीब परिवारों को बड़े बड़े स्वप्न दिखाकर अपने साथ अन्यत्र ले जाते है,और मोटी रकम में बेच देते है। ईम्मारल ट्रैफिकिंग प्रिवेंशन एक्ट (आईटीपीए) के अनुसार अगर व्यापार के इरादे से ह्यूमन ट्रैफिकिंग की जाती है और दोष सिद्ध होता है तो 7 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। इसी तरह बंधुवा मजदूरी एवं चाइल्ड लेबर के संबंध में भी विभिन्न कानून और सजा का प्रावधान है,लेकिन सबसे बड़ी समस्या ऐसे मामलों में फरियादी की खामोशी है। साथ ही कानून का सही क्रियान्यवन न होना भी है। इस मामले में भी तीर्थ दर्शनार्थियों ने पुलिसिया पचड़े से दूर रहने पर अपनी सहमति जताई और खामोशी से सुबह सवेरे सभी तीर्थ यात्री उमरिया स्टेशन से मानपुर स्थित अपने घरों के लिए रवाना हो गए। एजेंट के कहने पर मानपुर स्थित अलग अलग गांवों से मुख्य रूप से राम दुलारे कुशवाहा (सिगुड़ी), मंजू कुशवाहा, गीता बाई काछी (सेमरा), सुखदास कुशवाहा (सिगुड़ी), हरिप्रसाद सेन, रमेश कुशवाहा, लक्ष्मण कुशवाहा, लक्ष्मण प्रसाद गुप्ता (गोवर्दे), दुलारे कूशवाहा, मंजू (सुखदास), गीता बाई काछी, छोटी बाई, राधा बाई, रामवती, मन्नू काछी, मुन्नी बाई, बंसती बाई, शकुन्तला बाई सहित दो दर्जन से अधिक तीर्थ यात्री मौजूद रहे।

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