जब साहब को कुर्सी पर देखते ही चौक उठे कर्मचारी

कमान संभालते ही कलेक्टर ने की कोरोना संक्रमण नियंत्रण व्यवस्थाओं की समीक्षा

By: ayazuddin siddiqui

Published: 28 May 2020, 05:58 PM IST

उमरिया. नवागत कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने जिले की कमान संभालते ही सबसे पहले पूरे कलेक्ट्रेट पर नजर दौड़ाई। सबसे बड़ी बात यह है कि अधिकारियों, कर्मचारियों के कलेक्ट्रेट पहुंचने के पहले ही नवागत कलेक्टर अपने चेंबर में पहुंच गये थे। जब अधिकारी और कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे तो साहब को कुर्सी में देखकर चकित हो गये। नवागत कलेक्टर ने हालांकि निरीक्षण के दौरान किसी भी कार्यालय प्रमुख से कोई विशेष चर्चा या निर्देश नहीं दिए, बल्कि विभागवार कक्षों का औचक निरीक्षण जरूर किया है। 27 मई 2020 को विधिवत कार्य भार ग्रहण कर लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी उमरिया से संबंधित नाम से भेजे जाने वाले गोपनीय एवं अद्र्ध शासकीय पत्र आदि नये कलेक्टर के नाम से भेजने हेतु कहा गया है। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने बताया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा कोरोना संक्रमण में शीघ्र नियंत्रण प्राथमिकता होगी।
नवागत कलेकटर संजीव श्रीवास्तव ने कलेक्ट्रेट सभागार में उमरिया जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने हेतु की गई विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की। बैठक में एसडीएम पाली एवं मानपुर नीलमणि अग्निहोत्री, एसडीएम बांधवगढ़ अनुराग सिंह तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने जिले में कोरोना संक्रमण से प्रभावित व्यक्तियों की संख्या तथा संबंधित क्षेत्र में कोरोना संक्रमण को रोकने हेतु कंटेनमेंट क्षेत्रों में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिले में आने वाले प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, स्क्रीनिंग तथा उन्हें 14 दिनों तक क्वॉरंटीन करने की व्यवस्था पर चर्चा की। एसडीएम पाली एवं मानपुर नीलमणि अग्निहोत्री ने बताया कि पाली तहसील में मालाचुआ में तथा मानपुर जनपद मुख्यालय तथा ग्राम कुसमहा में कोरोना पाजीटिव संक्रमित व्यक्तियों की पहचान हुई है। इन सभी जगहों को कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया गया है तथा भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी एसओपी के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। संबंधित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के दल द्वारा घर-घर स्क्रीनिंग एवं काउंसलिंग का कार्य किया जा रहा है। प्रतिबंधित क्षेत्र में आवागमन पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है। संबंधित ग्राम पंचायतों के माध्यम से लोगों को दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है।
एसडीएम बांधवगढ़ अनुराग सिंह ने बताया कि जिले में अभी तक 8 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक उमरिया लौटे है। प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, स्क्रीनिंग तथा रूकनें एवं भोजन की व्यवस्था स्थानीय डाईट में की गई है। स्वास्थ्य परीक्षण में चिकित्सकों की सलाह पर संस्थागत क्वॉरंटीन करनें की व्यवस्था जिला मुख्यालय में पिछडा वर्ग छात्रावास, पाली में कन्या शिक्षा परिसर छात्रावास तथा मानपुर में छात्रावास में की गई है। इसके अतिरिक्त शेष प्रवासी श्रमिकों को होम क्वॉरंटीन करनें की सलाह दी जा रही है।
जिला मुख्यालय से प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक छोडने की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। जिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य तहसील मुख्यालयों में प्रवासी श्रमिकों के लिए सहायता केंद्र संचालित किए जा रहे है।

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