ताला जोन में जंगली हाथियों ने दी दस्तक

बांधवगढ़: पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए बंद किया गया गेट

By: ayazuddin siddiqui

Published: 10 Mar 2019, 10:30 AM IST

उमरिया. बाघ दर्शन के लिए दुनिया भर में मशहूर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में जंगली हाथियों की दस्तक बाघों के आवास, आहार के लिए चुनौती बनती जा रही है। ताजा मामला टाइगर रिजर्व के मुख्य प्रवेश द्वार से होकर जाने वाले पर्यटन जोन में दर्जन भर हाथियों की मौजूदगी से जुड़ा है जिसको देखते हुए पार्क प्रबंधन ने ताला गेट से पर्यटन बंद कर दिया है और पूरे क्षेत्र मे हाई अलर्ट जारी करते हुए हाथियों के मूवमेंट की विशेष निगरानी रखी जाती है।
पार्क प्रबंधन जहां एक ओर हाथियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है वहीं बाघ से हाथियों की टकराहट को रोकने हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, बता दें ताला रेंज अंतर्गत कोर एरिया के कई चिन्हित स्थानों पर बाघों की मौजूदगी ज्यादा है और बीते सप्ताह भर से इसी इलाकें में हाथियों ने प्रवेश कर लिया है। सुरक्षा के मद्देनजर हाथियों के मूवमेंट पर निगरानी रखी जा रही है। साथ ही अन्य वन्य जीवों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।
पार्क क्षेत्र में 38 हाथी मौजूद
झारखण्ड एवं छग के जंगलों से होते हुए बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व पहुचे दल में कुल 38 हाथी शामिल है। जो बीते 6 माह से पार्क के कोर एवं बफर में अपना विचरण क्षेत्र बनाए हुए है। पार्क के खितौली , धमोखर के आस पास जंगलो से विचरण करते हुए अब ये हाथी बाघों की मुख्य बसाहट की ओर कूच कर चुके है। प्रबंधन की मानें तो तकरीबन एक दर्जन हाथी ताला परिक्षेत्र मे मौजूद है। जो प्रबंधन के लिए चुनौती बने हुए है। जंगली हाथियों रहवासी इलाके में घुसपैठ कर उत्पात भी मचाते हैं।
रास आ गया बांधवगढ़
विशेषज्ञों की मानें तो झारखण्ड एवं छत्तीसगढ़ से इन हाथियों के पारगमन की मुख्य वजह पापुलेशन स्पिलिट है जिसके कारण ये हाथी अपने मूल क्षेत्र से नये आवास की तलाश में निकले है। बांधवगढ़ पहुचने के बाद यहां के वातावरण, आवास और घने जंगलों के बीच पर्याप्त आहार की उपलब्धता इन्हें रास आ गई है, जिसके कारण अपना ठिकाना बना लिया है। वन्य जीव विशेषज्ञो की माने तो जंगली हाथियों के बसने से बांधवगढ़़ की जैव विविधतामे वृद्धि होगी जो संपूर्ण पार्क क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
शासन को भेजा गया प्रस्ताव
नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक म्दुल पाठक ने बताया कि हमनें बांधवगढ़ नेशनल पार्क में ऐलीफेंट प्रोजेक्ट लागू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा है। अगर यह मंजूर हो जाता है तो नि:संदेह बांधवगढ़ को एक नई सौगात भी मिलेगी और यहां पर ऐलीफेंट प्रोजेक्ट अपना कार्य करेगा।

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