पत्रिका अभियानबुरहानपुर. मोबाइल से किसी को भी कॉल करने पर आप को साइबर सुरक्षा जागरूकता की डायल ट्यून सुनाई दे रही होगी। जिसमें किसी सीबीआई, क्राइम ब्रांच अफसर, जज या पुलिस अधिकारी का कॉल आए तो उसपर विश्वास न करे, क्योकि यह कॉल साइबर ठग का भी हो सकता है। बढ़ते साइबर अपराध की रोकथाम के लिए शासन द्वारा टेलीकॉम के यह प्रयास किए जा रहे है।एसपी देवेंद्र पाटीदार ने कहा कि जिले में भी लोगों को इस तरह के फर्जी कॉल आ रहे है, जिसमें साइबर ठगी करने वाले अपने आप को सीबीआइ, कस्टम आफिसर और अन्य जांच एजेंसियों के नाम पर डरा धमका कर राशि की डिमांड कर रहे है। पुलि मुख्यालय के निर्देश पर साइबर सेल एवं थानास्तर पर जागरुकता अभियान निरंतर चलाया जा रहा है।लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी तरह के अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल न उठाए। इनामी लालच और टेलीग्राम के माध्यम से किसी कंपनी एवं योजनाओं में राशि ट्रांसफर न करें। जागरुक रहकर ही आप साइबर ठगी से बच सकते है।योजनाओं के नाम पर ठगी बढ़ीजिले में सरकारी योजनाएं मातृवंदना योजना, पीएम आवास, संबल योजना सहित अन्य योजनाओं के नाम पर धोखाधड़ी एवं साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे है।किसी भी सरकारी विभाग एवं बैंक से फोन आए तो आप को ओटीपी से लेकर अपनी डिटेल शेयर नहीं करना है। संबंधित विभाग ऑफिस और बैंक जाकर ही कॉल का सत्यापन करे।राशि का इंवेस्ट टेलीग्राम पर चलने वाली किसी भी गु्रप के माध्यम से नहीं करना है।शहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश केस टेलीग्राम के माध्यम से ठगी के सामने आ रहे है।साइबर ठगी से बचने के लिए ये करें-: रुपयों से भरे पार्सल के लालच में आकर किसी को रुपये न भेजें-: बैंक खाते, एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड से संबंधित नंबर साझा न करें-: मोबाइल फोन पर आए ओटीपी के बारे में जानकारी न दें-: अश्लील वीडियो कॉल आने पर तुरंत नंबर ब्लॉक करें-:कोई बैंक कर्मी बनकर फोन करें तो उसे अपने बैंक खाते के बारे में जानकारी न दें-:किसी भी तरीके का कोई लालच दे तो सोच-समझकर कदम उठाएं