आज भी उन्हीं मार्गो से हो रहा है देश पर आक्रमण- मनोज जोशी

Nitin Srivastava

Publish: Oct, 13 2017 10:17:21 (IST) | Updated: Oct, 13 2017 10:17:22 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
आज भी उन्हीं मार्गो से हो रहा है देश पर आक्रमण- मनोज जोशी

27 सालों में 1027 वां नाट्य मंचन, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी नाट्य मंचन देखा।

उन्नाव. खंड-खंड राज्यों में बटे राष्ट्र को आचार्य चाणक्य ने अपने संकल्प के अनुसार एकत्र किया और किस प्रकार एक सामान्य कुल में जन्म लेने वाले चंद्रगुप्त को इस राष्ट्र का सम्राट बनाया। यह कथा हमारे राष्ट्र का गौरवशाली इतिहास है। इस नाटक को इस तरह देखें की आपके मन-मस्तिष्क में जीवन भर रहे और राष्ट्र के इस गौरवशाली इतिहास को अन्य लोगों से साझा करें। उन्हें बताएं। स्थानीय नगर स्थित इंटर कॉलेज में आयोजित नाटक चाणक्य के मंचन के पूर्व निर्देशक अभिनेता मनोज जोशी ने उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि आचार्य चाणक्य नाटक पिछले 27 साल से प्रस्तुत कर रहे हैं। यह उनका 1027 प्रयोग व नाट्य मंचन है। जिसके माध्यम से महानायक आचार्य चाणक्य की नीतियों और आदर्शों को आप सभी के बीच सामने लाना ही एकमात्र उद्देश्य है।

 

ईसा से 320 साल पूर्व के आक्रांता हैं सिकंदर

मनोज जोशी ने आक्रांता एलेग्जेंडर जिसे सिकंदर कहते हैं की चर्चा करते हुए कहा कि ईसा पूर्व 320 जब सिकंदर आक्रमण करता हुआ भारत की तरफ आया, तब भारत एक राष्ट्र नहीं था। अलग-अलग राजाओं में बटा हुआ राज्य था। आज का अफगानिस्तान वहां पर गंधार जहां पर आज कंधार है में एक तक्षशिला विद्यालय हुआ करता था। जिसके कुलपति थे आचार्य चाणक्य। उन्होंने देखा कि एक आक्रांता देश पर आक्रमण करने आया है। इस पर चाणक्य ने वहां के राजा अंभि से कहा कि सिकंदर को रोको। उस समय तक्षशिला एक बड़ा राज्य था। परंतु उन्होंने सिकंदर को रोकने की जगह उससे इस लालच में संधि कर लिया कि वह पूरे भारत पर राज करेगा। इस पर आचार्य चाणक्य ने तक्षशिला के कुलपति पद से इस्तीफा दे दिया और वहां उसने तक्षशिला राजा के सामने संकल्प लिया की यदि मेरी शिक्षा में समर्थ है तो तेरे जैसे हजार सम्राट बनाने का सामर्थ में रखता हूं। तेरे जैसे हजार सम्राट बनाऊंगा और इस राष्ट्र को एकत्र कर लूंगा। ताकि कोई आक्रांता इस राष्ट्र पर आक्रमण ना कर सकें। नाटक के रचयिता आशीष गौतम भी मौके पर मौजूद थे।


आज की झेलम कल की बिपाशता नदी

मनोज जोशी ने कहा कि आज भी देश उन्हीं रास्तों से आक्रमण झेल रहा है जहां से, जिस रास्ते से पूर्व में विदेशी आक्रमणकारी ने देश पर हमला किया था। निर्देशक अभिनेता ने कहा कि आज भी देश इन आक्रांताओं को का सामना कर रहा है। झेलम नदी पाकिस्तान के छोर से आज भी आतंकवादी घुस आते हैं। जिस रास्ते से इतिहास में आक्रांताओं ने भारत पर हमले किए था। आज का झेलम नदी उस समय बिपाशता नदी कहलाती थी। इस मौके पर मौके पर मौजूद दर्शकों से मनोज जोशी ने कहा कि आप लोग नाटक के बीच होने वाले वोट घोषणाओं को ध्यान से सुने जिसमें पूरा रहस्य छिपा है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कानपुर में आयोजित प्रदेश से भाजपा कार्यसमिति की बैठक में भाग लेकर वापस लौट लखनऊ लौटते समय विद्यालय पहुंच कर आचार्य चाणक्य नाटक को देखा। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री, महेंद्र सिंह पंकज गुप्ता, कुलदीप सिंह सिंगर, बृजेश रावत सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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