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पूर्व जिला जज के फैसले के खिलाफ अधिवक्ताओं की हड़ताल 18वें दिन पहुंची, जानें पूरा मामला

पूर्व जिला जज के निर्णय के खिलाफ अधिवक्ता आंदोलित है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि जब तक पूर्व जिला जज द्वारा लिए गए आदेश को वापस नहीं लिया जाता है। तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। अधिवक्ताओं का कहना है कि पूर्व जिला जज ने स्थानांतरण की भनक लगते ही अधिवक्ताओं के संबंध में कुछ निर्णय जल्दी बाजी में ले लिए। उन्होंने वापस लेने की मांग की।

उन्नाव

Published: September 12, 2022 10:29:29 pm

बार एसोसिएशन पदाधिकारी ने बताया वकीलों की हड़ताल 18वें दिन पहुंच गई। उन्नाव बार एसोसिएशन के नेतृत्व में यह हड़ताल चल रही है। इस संबंध में बातचीत करने पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला ने बताया सफीपुर के मुंसिफ कोर्ट की कार्यवाही अफरातफरी के माहौल में चल रही है। उसके बाद भी तीन थाना क्षेत्रों के मामले को वहां स्थानांतरित कर दिया गये। जिसका वह लोग विरोध कर रहे हैं। मुख्यालय के इस निर्णय के खिलाफ अदालत की कार्रवाई पूरी तरह ठप है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि जब तक मांखी, फतेहपुर 84 थाना क्षेत्र के मामले मुख्यालय पर स्थानांतरण नहीं किए जाते हैं। तब तक उनकी हड़ताल चलती रहेगी। यह उनके रोजी रोटी का प्रश्न है। बड़ी संख्या में वकीलों ने आज कचहरी परिसर में घूम घूम कर निर्णय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पूर्व जिला जज के फैसले के खिलाफ अधिवक्ताओं की हड़ताल 18वें दिन पहुंची, जानें पूरा मामला
पूर्व जिला जज के फैसले के खिलाफ अधिवक्ताओं की हड़ताल 18वें दिन पहुंची, जानें पूरा मामला

 

इस संबंध में बातचीत करने पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला ने बताया कि जिला जज हरदेव सिंह ने माखी फतेहपुर 84 और सफीपुर थाना क्षेत्र के मामले सफीपुर मुंसिफ कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था। जिससे कि उन लोगों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। सफीपुर मुंसिफ कोर्ट की स्थिति काफी दयनीय जब तक वहां की स्थिति नहीं सुधर जाती है। तब तक फतेहपुर 84 और माखी थाना क्षेत्र के मामलों को उन्नाव स्थानांतरित किया जाए। बोले एक साथ माखी और फतेहपुर 84 थाना क्षेत्र के मामलों को स्थानांतरण करने से मुख्यालय के अधिवक्ता आक्रोशित हैं। जब तक फतेहपुर 84 और माखी थाना क्षेत्र के मामलों में दिए गए। आदेश को वापस नहीं किया जाता है तब तक उन लोगों की हड़ताल चलती रहेगी।

अधिवक्ताओं का कहना है कि पूर्व जिला जज ने सफीपुर थाना का स्थानांतरण मुंसिफ कोर्ट सफीपुर में किया था। लेकिन इसी बीच जिला जज को इस बात की जानकारी मिल गई कि उनका यहां से स्थानांतरण होने वाला है। तो उन्होंने जाने से पहले तीन थानों का स्थानांतरण बीज वितरित कर दिया। जबकि माखी थाना उन्नाव और हसनगंज तहसील क्षेत्र में आता है। सफीपुर का 60% हिस्सा बांगरमऊ तहसील में आता है। उसका न्यायिक सफीपुर में क्यों होना चाहिए। सफीपुर में न्यायालय मानक विहीन है और वहां कोई बिल्डिंग में नहीं है। ऐसे में मुकदमों को स्थानांतरित करना न्याय उचित नहीं है। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।

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