सीबीआई की टीम पहुंचने से माखी में मचा हड़कंप, पीड़िता और उसकी मां को लेकर गई टीम

सीबीआई की टीम पहुंचने से माखी में मचा हड़कंप, पीड़िता और उसकी मां को लेकर गई टीम

Akansha Singh | Publish: Apr, 17 2018 02:19:00 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2018 02:20:54 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है।

उन्नाव. भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो की 16 सदस्य टीम आज नहर विभाग के गेस्ट हाउस में पहुंची, जहां पीड़िता और उसके परिजनों से बातचीत की। यहां से केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम पीड़िता और उसकी मां को लेकर माखी थाना पहुंची, जहां हो दोनों से पूछताछ हो रही है। इसके साथ ही थाना का भी निरीक्षण हो रहा है। माखी थाना में 16 सदस्य टीम के पहुंचने से हड़कंप मचा हुआ है। माखी थाना के कागजातों को भी सीबीआई की टीम देख रही है। वही इस बात की चर्चा है कि कुलदीप सिंह सेंगर और शशि सिंह को भी लाया जा सकता है । गौरतलब है कि दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने विगत सोमवार को सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस को जेल करार दिया था। यहां पर उन्हें किसी भी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने गेस्ट हाउस को अस्थाई जेल करार दिया था।

माखी में हो रही पीड़िता और उसकी मां पूछताछ

केंद्रीय जांच ब्यूरो की 16 सदस्य टीम आज उन्नाव पहुंची सबसे पहले सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में पहुंचकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। उन्हें लेकर माखी थाना पहुंची। उसके बाद गांव का भी भ्रमण किया। माखी में सीबीआई की टीम उनसे पूछताछ कर रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो की 16 सदस्य भारी भरकम टीम को देख कर गांव में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ सन्नाटा पसर गया है। कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। माखी थाना के आगंतुक कक्ष में पीड़ित परिजनों से बातचीत की जा रही है। इस संबंध में कोई भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है लेकिन गांव में सन्नाटा पसरा है।


शिफ्ट करने को लेकर असमंजस की स्थिति

दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के मांग से प्रशासनिक क्षेत्र में चहल कदमी मची है। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने जिला प्रशासन से होटल में शिफ्ट करने की मांग की थी। अपने बयान में उन्होंने कहा था कि यहां पर उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिल रही है। ना तो पानी की व्यवस्था है ना शौचालय की। खाने पीने की व्यवस्था नहीं है। अपने लोगों से मिलने के लिए भी उन्हें प्रशासन की सहमति का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा था कि यदि प्रशासन उनकी मांगों स्वीकार नहीं करता है तो भूख हड़ताल करनी पड़ सकती है। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की मांग पर जिला प्रशासन सकारात्मक रुख अपनाते हुए होटल में शिफ्ट कराने की सोच रहा है।

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