उन्नाव रेप मामला : रेप विक्टिम और उसकी मां से CBI ने की लंबी पूछताछ, जानें- दिन भर का अपडेट

उन्नाव रेप मामला : रेप विक्टिम और उसकी मां से CBI ने की लंबी पूछताछ, जानें- दिन भर का अपडेट

Hariom Dwivedi | Publish: Apr, 17 2018 06:56:29 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2018 07:12:08 PM (IST) Unnao, Uttar Pradesh, India

सीबीआई कोर्ट ने रेप के आरोपी भाजपा विधायक के भाई अतुल सिंह और उसके चार साथियों को चार दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है

लखनऊ. उन्नाव गैंगरेप मामले की जांच करने केंद्रीय जांच ब्यूरो की 16 सदस्यीय टीम मंगलवार को उन्नाव पहुंची। टीम ने सबसे पहले सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में पहुंचकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और उन्हें लेकर माखी थाना पहुंची, जहां लगभग 2 घंटे तक पूछताछ की। सीबीआई टीम के सदस्यों ने गांव का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की। पत्रकारों से दूरी बनाने वाली केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने बाद में पीड़िता और उसकी मां को लेकर विधायक के आवास पर भी गए। इससे पहले सोमवार को सीबीआई कोर्ट में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने रेप पीड़िता ने 164 के तहत कलमबंद बयान दर्ज कराया था।

सीबीआई की एक टीम विधायक के भाई अतुल सिंह और जेल में बंद उसके चार साथियों को लेकर लखनऊ ले गई। लखनऊ में सीबीआई कोर्ट ने आरोरपी विधायक के भाई अतुल सिंह और उनके चार साथियों को चार दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। बता दें कि अतुल सेंगर पर पीड़िता के पिता को धमकाने व बेदर्दी से मारने का आरोप है। उन्नाव रेप मामले में सीबीआई अब तक बांगरमऊ से भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर तथा इस केस में नामजद शशि सिंह की रिमांड ले चुकी है।

विधायक और पीड़िता के घर का भी किया गया मौके का मुआयना
केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम मंगलवार सुबह लगभग 10:00 बजे सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में पहुंची। जहां उन्होंने दुष्कर्म पीड़िता और उसकी मां को साथ लेकर माखी थाना पहुंची। माखी थाना के आगंतुक कक्ष में सीबीआई के सदस्यों ने पीड़िता और उसकी मां से अलग-अलग बातचीत की। इस दौरान सीबीआई टीम के सदस्यों ने माखी थाना के दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया। जबकि तीसरी टीम अपने गांव का भ्रमण करते हुए लोगों से पूछताछ और बातचीत की। सीबीआई टीम के सदस्य पीड़िता उसकी मां को लेकर विधायक के निवास स्थान पर गए। जहां पर पीड़िता ने विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। वहीं बाद में सीबीआई टीम पीड़िता को उसके घर भी ले गई। इस दौरान उन्होंने घर का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण और पूछताछ के दौरान मीडिया को दूर रखा गया।

प्रशासन की सख्ती से नाराज है दुष्कर्म पीड़ित का परिवार
दुष्कर्म पीड़िता के चाचा द्वारा सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में सुविधाओं के अभाव को लेकर उठाई गई आवाज पर जिला प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले सका। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने बताया था कि गेस्ट हाउस में न तो शौचालय की व्यवस्था है और न ही पानी की। उन्होंने इसे जेल करार दिया था। उन्होंने बताया कि जेल में भी समय से खाना मिल जाता है। लेकिन यहां तो वह भी नहीं मिलता। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने जिला प्रशासन से मांग की थी कि उनके रहने की व्यवस्था की जाए। खाना पीना हुआ खुद अपने हाथ से बनाकर खाएंगे। बातचीत के दौरान सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी पर भी दुष्कर्म पीड़िता के चाचा ने सवाल उठाया था। किसी से मिलने जाने के लिए उन्हें जिला प्रशासन से परमीशन लेनी पड़ती है, जिसमें कई घंटे निकल जाता है। प्रशासन से उन्होंने मांग की थी कि सुरक्षा-व्यवस्था की जाए लेकिन उनके आवागमन में किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लगाया जाए। समाचार लिखे जाने तक दुष्कर्म पीड़िता और उसका परिवार सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में मौजूद है।

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