कोविड-19 - यात्रियों ने कहा लॉक डाउन दिल्ली सरकार ने तोड़ा, सजा उन्हें मिल रही है, जिला प्रशासन सड़क पर

- रोडवेज ने वसूला किराया, यात्रियों में आक्रोश

- कांग्रेसी जिलाध्यक्ष ने कहा किराया के साथ दिहाड़ी भी दे सरकार

- जिला प्रशासन ने बसों से यात्रियों को भेजा गंतव्य तक

By: Narendra Awasthi

Published: 29 Mar 2020, 07:34 PM IST

उन्नाव. दिल्ली सरकार की लापरवाही आज दूरदर्शिता अनुशासनहीनता उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के लिए भारी पड़ रही है। लॉक डाउन के दौरान दिल्ली से निकलने वाली यात्रियों की भारी संख्या जिला प्रशासन को पानी-पानी कर रहा है। पूरा प्रशासनिक अमला यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने में लगा है। उनके खाने-पीने की भी व्यवस्था बड़े पैमाने पर की जा रही है। इस दौरान यात्रियों ने बातचीत के दौरान बताया कि दिल्ली सरकार बड़े बड़े वादे कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत या है कि उन्होंने ही बस उपलब्ध कराई और उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर छोड़ कर चली गई।

 

किराए की हुई वसूली

अपनी आपबीती सुनाते हुए लक्ष्मी ने बताया कि वह दिल्ली में अपने भाई बहनों के साथ पढ़ाई करती है। लॉक डाउन के बाद भी वह कुछ दूर पैदल फिर रास्ते में डीटीसी की बस ने उन्हें आनंद विहार में छोड़ दिया। जहां से उत्तर प्रदेश रोडवेज बस से उन्नाव पहुंचे हैं। गौरतलब है कि लक्ष्मी, कंचन, पूनम, श्याम आदि जनपद के मौरावां थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि रोडवेज की बस के द्वारा भी उनसे ज्यादा किराया लिया गया। ₹478 की जगह ₹617 लिया गया। इसके उन्होंने टिकट भी दिखाया।

रोडवेज अपनी सुविधा के लिए जीटी रोड छोड़कर यमुना एक्सप्रेस वे से बसे भेजता है

इस संबंध में बातचीत करने पर रोडवेज कर्मचारी ने बताया कि पहले रोडवेज की बस रोड होते हुए आनंद विहार जाती थी। जिसकी दूरी एक तरफ से 459 किलोमीटर थी। जो बढ़कर अब यमुना एक्सप्रेस से 566 किलोमीटर हो गई है। इसलिए किराया भी पड़ गया है। इसी क्रम में तमाम यात्री गोरखपुर के भी सामने आए जिन्हें आनंद विहार से लाकर उन्नाव में छोड़ दिया गया। जिनमें नोएडा से आए मनोज पाल, शहाबुद्दीन, दीनदयाल शर्मा, रियाज अंसारी, संजय गुप्ता, मुनीर, अलीम अंसारी सहित बड़ी संख्या में यात्री शामिल थे। जिनको गोरखपुर, बहराइच, प्रतापगढ़ रायबरेली जाना था।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा

इस संबंध में बात करने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा के समय भी प्रदेश सरकार पलायन कर रहे श्रमिकों से किराया वसूल रही है। जो बेहद शर्मनाक है। दिहाड़ी मजदूर जो बाहर निकले थे। वापस अपने घर आ रहे हैं। राष्ट्रीय आपदा होने के बाद वह अपने घर वापस आ रहे हैं। वह किराया देकर आ रहा है। जिसके पास पैसे नहीं है और जो नौकरी छोड़ कर आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार दिहाड़ी के साथ इनका किराया भी वापस करें। इस मौके पर कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

 

Narendra Awasthi
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