जिला जज ने कहा - सुलह समझौता के आधार पर ज्यादा से ज्यादा वादों का हो निस्तारण

जिला जज ने कहा - सुलह समझौता के आधार पर ज्यादा से ज्यादा वादों का हो निस्तारण

Narendra Awasthi | Publish: Dec, 08 2018 11:22:52 PM (IST) Unnao, Unnao, Uttar Pradesh, India

राष्ट्रीय लोक अदालत में 2856 वादों का किया गया निस्तारण, 6000 से ज्यादा व्यक्ति हुए लाभान्वित, अपराधिक मामलों में 20 लाख से ज्यादा रुपए की गई वसूली

 

उन्नाव. जनपद न्यायालय में जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए जनपद न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी ने कहा कि लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर ज्यादा से ज्यादा वादों का निस्तारण किया जाए। इस मौके पर जनपद न्यायालय के विभिन्न न्यायालयों के समस्त न्यायिक अधिकारीगण मौजूद थे।


2856 वादों का निस्तारण

अधिकारीगण द्वारा मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 17 वाद, वैवाहिक 24 वाद , बैंक रिकवरी 150 वाद, विविध दीवानी वाद 61 तथा आपराधिक शमनीय 1790 वाद एवं 44 अन्य वादों का निस्तारण किया गया। राजस्व, चकबन्दी तथा अन्य विभागों के द्वारा राजस्व के 438 वाद, आपराधिक 847 वाद, प्रि-लिटीगेशन 265 वाद तथा अन्य 972 वाद, कुल 2856 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार राश्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन में कुल 4972 वादों का निस्तारण किया गया तथा वादों के निस्तारण से लगभग 6000 व्यक्ति लाभान्वित हुए।


राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बताया गया

आपराधिक निस्तारित वादों में रू. 209885/- अर्थदण्ड की धनराशि वसूल की गयी। मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों में ₹59 लाख 90 हजार प्रतिकर अवार्ड किया गया। दीवानी के अन्य मामलों में रू.10 लाख 64230 मात्र एवं अन्य वादों में ₹ 26 लाख 70803 मात्र की धनराशि प्राप्त हुई। उत्तराधिकार से सम्बन्धित 7 वादों में ₹14 लाख 92591 के प्राधिकार पत्र जारी किये गये। बैंक ऋण वसूली के 150 प्रि-लिटीगेशन वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते के आधार पर किया गया। जिनमें ₹56 लाख 80800/- मात्र की धनराशि की अदायगी हेतु तय की गयी। वैवाहिक तथा अन्य प्रकृति के 35 प्रि-लिटीगेषन वादों का निस्तारण भी किया गया। साथ ही आयुष विभाग की ओर से निशुल्क चिकित्सा एवं परामर्श शिविर का आयोजन सिविल न्यायालय परिसर के अन्दर किया गया। जिसमें मरीजों की निशुल्क जॉंच तथा दवायें वितरित की गयी। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन पूर्णतः सफल रहा।


जनपद के विभिन्न न्यायालयों के न्यायाधीश इस मौके पर थे मौजूद

राष्ट्रीय लोक अदालत में गुलाब सिंह अपर जिला जज, विनय खरे अपर जिला जज, बृजेश कुमार मिश्र,
अपर जिला जज, कुमुदिनी वर्मा अपर जिला जज, रणंजय कुमार वर्मा अपर जिला जज, अरविन्द उपाध्याय, अखिलेश दूबे, राम प्रकाश पांडे, अपर जिला प्रीति सिंह, राशिद मलिक, अपर जिला जज, आशुतोष, अपर जिला जज संतोश कुमार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पूनम त्रिवेदी सिविल जज सीडि, अल्का यादव, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मीनाक्षी सोनकर, सिविल जज सी.डि./एफ.टी.सी., फर्रूख इनाम सिद्दीकी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सौरभ श्रीवास्तव, सिविल जज जूडि दक्षिणी, आस्था श्रीवास्तव, न्यायिक मजिस्ट्रेट, सावन कुमार विकास, सिविल जज जूडि/एफटीसी, नितिका राजन, सिविल जज जूडि उत्तरी, स्मृति चौरसिया, अपर सिविल जज जूडि प्रथम, शमीना जमील, अपर सिविल जज जूडि द्वितीय मीनाक्षी यादव, अपर सिविल जज जूडि तृतीय समस्त न्यायिक अधिकारी गण उपस्थित थे।

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