सम्भावित सूखा व बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, जिलाधिकारी ने ली अधीनस्थों की क्लास

- गर्मी को देखते हुये तालाब, पोखर, नहर को भरने के दिये निर्देश

- व्यवस्था की रूप रेखा तैयार कर तीन दिन के अन्दर उपलब्ध कराने के निर्देश

By: Narendra Awasthi

Updated: 26 May 2020, 09:41 PM IST

उन्नाव. सम्भावित सूखा एवं बाढ़ 2020 की तैयारी एवं बचाव हेतु अपने-अपने विभाग से सम्बन्धित तैयारियों का कार्यवृत्त अभी से तैयार कर लें। मुख्य विकास अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारियों तथा अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय, पेय जल के सभी श्रोतों, संसाधनों की भली प्रकार से मरम्मत एवं पूर्ण उपयोग कराना सुनिश्चित करें।जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार विकास भवन स्थित सभागार में जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वर्ष 2020 के सम्भावित सूखा एवं बाढ़ से प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षा, बचाव तथा राहत उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में बैठक को संबोधित करते हुए उक्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल संकट की स्थिति में टैंकर से पेयजल की आपूर्ति, पशुओं के पेय जल संकट के निवारण हेतु सिंचाई विभाग की नहरों एवं नलकूपों के माध्यम से तालाब एवं पोखरें भरवाई जायें। सिंचाई के सभी संसाधनों के साथ सरकारी नलकूपों को चालू हालत में रखने, विशेष रूप से नहरों को रोस्टर के अनुसार चालू कराया जाये। खराब नलकूपों को समय से मरम्मत करायें तथा आवश्यकता पड़ने पर ऊर्जा व डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।

 

खराब ट्रांसफार्मर निर्धारित समय में बदले

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि खराब ट्रांसफार्मर निर्धारित समय के अन्दर बदलाये जायें। पशुओं के चारे एवं चरागाहों की व्यवस्था तथा ग्रीष्मकाल में चरी में सइनाइड विष उत्पन्न होने की सम्भावना की दृष्टि से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाये। पशुओं के उपचार के साधन व व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि मनुष्यों एवं पशुओं को लू संक्रमण रोगों व महामारियों से बचाने एवं सघन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। खेतीहर मजदूरों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों को रोजगार के अवसर तलाशे जायें, समाज विरोधी तत्वों पर नियन्त्रण की कार्यवाही की जाये।

 

बाढ़ केन्द्र, चौकी की स्थापना, तैयार करें रूपरेखा

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को खासकर के निर्देशित किया कि बाढ़ केन्द्रों, चैकियों की स्थापना, बाढ़ नियन्त्रण कक्ष, बाढ़ पीड़ितों के बचाव हेतु नाव आदि की रूप रेखा अभी से तैयार कर ली जाये। शरणार्थियों के शिविर, राहत सामग्री, शुद्ध पेयजल, मनुष्यों, पशुओं हेतु चिकित्सा आदि की व्यवस्था की रूप रेखा तैयार कर तीन दिन के अन्दर उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दियें। उन्होंने कहा कि जल भराव क्षे़त्रों में पानी की निकासी, बाढ़ राहत कार्यों के लिये जन सहयोग पर कार्ययोजना तैयार कर लें। मनुष्यों, पशुओं को संक्रमण रोगों से बचाव हेतु चिकित्सा व्यवस्था बनाये रखने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा. राजेश कुमार प्रजापति, अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता सिंचाई, नलकूप, जल निगम, अधिशाषी अधिकारी नगर निकाय सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

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