उन्नाव मामला: पांचों आरोपियों के डीएनए का हुआ मिलान, फॉरेंसिक रिपोर्ट में सामने आई ये बात

- दुष्कर्म के आरोपियों का हुआ डीएनए टेस्ट

- पांच दिसंबर को पीड़िता पर केरोसिन छिड़क कर किया था उसे मारने का प्रयास

- फॉरेंसिक रिपोर्ट में सिद्ध हुआ अपराध

उन्नाव. उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता (Unnao Victim) को जिंदा जलाए जाने के आरोप में जेल गए पांच आरोपियों के डीएनए पीड़िता के कपड़ों में लगे खून से मैच कराए गए। फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों के डीएनए सैंपल पीड़िता के सामान से मैच पाए गए। उन्नाव एसपी विक्रांत वीर ने फॉरेंसिक रिपोर्ट को कंफर्म कर कहा कि आरोपियों के डीएनए मैच किए गए हैं लेकिन शव परीक्षण रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण अभी प्रतीक्षित है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा। बता दें कि पांच दिसंबर को रायबरोली कोर्ट जा रही पीड़िता पर पांच लोगों ने केरोसिन डालकर उसे आग के हवाले कर दिया था। 90 फीसदी तक जल चुकी पीड़िता ने छह दिसंबर को दिल्ली से सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

मामले को मजबूत बनाएंगे सबूत

एसपी विक्रांत वीर ने कहा कि घटना के बाद पीड़िता का पर्स, उसके कपड़े, स्कार्फ, मोबाइल और वे सभी सामान डीएनए जांच के लिए भेजे गए थे, जो घटना के वक्त उसके पास थे। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में पीड़िता के पर्स पर आरोपियों की उंगलियों और बाल के निशान की पुष्टि हुई है। पीड़िता के मोबाइल पर आरोपियों के उंगलियों के निशान भी डीएनएन में पाए गए। इससे साबित होता है कि घटना के वक्त आरोपियों ने पीड़िता को जलाने की नीयत से उस पर हमला किया था। डीएनए रिपोर्ट में आरोपियों के खिलाफ पाए गए सबूत मामले को मजबूत करेगी और त्वरित सजा में मदद करेगी।

उल्लेखनीय है कि उन्नाव पुलिस ने घटना के पांच आरोपी शुभम, शिवम त्रिवेदी, हरिशंकर, उमेश और रामकिशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। पुलिस को घटनास्थल से खून के निशान मिले थे जिसके आधार पर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें मुख्य आरोपी शिवम त्रिवेदी है, जिसपर पीड़िता को प्रेमजाल में फंसा कर उससे सामूहिक दुषकर्म का आरोप था। शिवम पर पीड़िता को शादी का झांसा देकर उसे रायबरेली ले जाने और उसके साथ तमंचे के बल पर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है। मार्च 2019 में पीड़िता ने एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में उसने बयान दिया था कि पांच लोगों ने 2018 में कई बार उसका बलात्कार किया। इनमें से शिवम और शुभम त्रिवेदी को बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। तीन दिसंबर को शिवम और शुभम त्रिवेदी को जमानत मिल गई थ। इन दोनों ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर युवती को जिंदा जलाकर मारने की साजिश रची थी।

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Karishma Lalwani
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